जनगणना आज सेः देश में पहली बार हो रही डिजिटल जनगणना, 33 सवाल पूछेंगे सर्वेयर

दिल्ली। भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ने जा रहा है। 5 साल की देरी के बाद, आज यानी 1 अप्रैल 2026 से जनगणना-2027 का पहला चरण शुरू हो गया है। यह जनगणना कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि यह देश की पहली पूरी तरह से डिजिटल जनगणना होगी।
डिजिटल और हाईटेक प्रक्रिया
अब जनगणना के आंकड़े कागज पर नहीं, बल्कि मोबाइल ऐप के जरिए सीधे स्मार्टफोन पर दर्ज किए जाएंगे। मकानों की गिनती के लिए ‘जियो-रेफरेंसिंग’ तकनीक का उपयोग होगा, जिससे हर घर की सटीक लोकेशन डिजिटल मैप पर उपलब्ध होगी। इससे डेटा की शुद्धता बढ़ेगी और कोई भी घर छूटने या दोबारा गिने जाने की संभावना खत्म हो जाएगी।
लिव-इन कपल और जातिगत आंकड़े
इस बार के नियमों में एक बड़ा बदलाव लिव-इन कपल्स को लेकर है। यदि कोई जोड़ा स्थिर रिश्ते में है और मानता है कि उनका रिश्ता लंबा चलने वाला है, तो उन्हें शादीशुदा माना जाएगा। इसके अलावा, दूसरे चरण (फरवरी 2027) में जातिगत डेटा भी जुटाया जाएगा। 1931 के बाद यह पहली बार होगा जब आजादी के बाद जाति के आधार पर आंकड़े एकत्र किए जा रहे हैं।
आपसे पूछे जाएंगे 33 सवाल
जनगणना अधिकारी आपसे कुल 33 सवाल पूछेंगे, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
घर की बनावट: दीवार, फर्श और छत में इस्तेमाल सामग्री।
सुविधाएं: पीने का पानी, बिजली, शौचालय और वाहनों (कार, साइकिल आदि) का विवरण।
खान-पान: परिवार में मुख्य रूप से खाया जाने वाला अनाज।
मुखिया का विवरण: नाम, लिंग और समुदाय (SC/ST/अन्य)।
सावधान: इन 3 सवालों के जवाब न दें
सुरक्षा के लिहाज से यह जानना बेहद जरूरी है कि जनगणना अधिकारी आपसे आपकी निजी वित्तीय जानकारी नहीं मांग सकते। यदि कोई कर्मचारी आपसे निम्नलिखित जानकारी मांगे, तो जवाब न दें:
आमदनी: आपकी महीने की कमाई या बैंक बैलेंस।
दस्तावेज: आधार या पैन कार्ड दिखाने का कोई दबाव नहीं है।
बैंक डिटेल: बैंक खाता नंबर या ओटीपी (OTP) जैसी गोपनीय जानकारी।





