CSMCL ओवरटाइम घोटाले में बड़ी गिरफ्तारी: CDL के वाइस प्रेसिडेंट उदय राव अरेस्ट, फर्जी बिलिंग से ढेबर तक पहुंचता था कमीशन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के चर्चित CSMCL ओवरटाइम भुगतान घोटाला मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण और एंटी करप्शन ब्यूरो (EOW-ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए CDL (Chhattisgarh Distilleries Limited) के वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) एन. उदय राव को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियों के मुताबिक ओवरटाइम और बोनस से जुड़े फर्जी बिल उदय राव के निर्देश पर तैयार किए जाते थे।

EOW-ACB की जांच में सामने आया है कि कमीशन के लेन-देन को लेकर उदय राव लगातार पूर्व आबकारी विशेष सचिव अरुणपति त्रिपाठी के संपर्क में था। एजेंसी का दावा है कि त्रिपाठी के निर्देश के बाद यह रकम कारोबारी अनवर ढेबर तक पहुंचाई जाती थी।

जांच एजेंसियों के अनुसार, CSMCL में मैनपावर सप्लाई का काम रिकॉर्ड में ए-टू-जेड इन्फ्रासर्विसेस लिमिटेड के नाम पर था, लेकिन असल संचालन उदय राव ही कर रहे थे। वह फील्ड मैनेजमेंट, कर्मचारियों की व्यवस्था, बिलिंग और भुगतान जैसे काम भी CDL से जुड़ी कंपनी एनकेजेए के जरिए संभालते थे।

EOW-ACB के मुताबिक 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम, बोनस और अतिरिक्त काम के नाम पर करीब 182.98 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान किया गया। इसमें ओवरटाइम के 101.20 करोड़, बोनस के 12.21 करोड़ और अतिरिक्त कार्यदिवसों के 54.46 करोड़ रुपए शामिल हैं। इसके अलावा करीब 15 करोड़ रुपए सर्विस चार्ज और टैक्स के रूप में भी दिए गए।

जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारियों के नाम पर फर्जी और बढ़े हुए बिल तैयार कर रकम निकाली गई, जिसे कथित सिंडिकेट और अधिकारियों में कमीशन के तौर पर बांटा गया।

इस मामले में अब तक 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। वहीं शराब घोटाले में आरोपी पप्पू बंसल और पीयूष बिजलानी को ईडी की विशेष अदालत से जमानत मिल गई है। EOW-ACB का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आगे कई और बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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