
नितिन@रायगढ़। क्रिकेट सट्टे के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या करने वाले युवा व्यवसायी के अंतिम यात्रा में पूरा शहर शामिल हुआ।
इस दौरान लोगों ने अवैध सट्टे के विरुद्ध तख्ती लेकर सड़क पर जमकर नारेबाजी की। पहली बार ऐसा देखने को मिला जब राम नाम सत्य है के साथ अवैध सट्टे के विरुद्ध कारवाई के लिए लोग नारे लगा रहे थे।
गुरुवार सुबह मृतक मयंक मित्तल की अर्थी उनके निवास स्थान से कायाघाट ले जाया गया। बुधवार शाम को बालाजी डोर फर्म के संचालक मयंक मित्तल ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। शुरुआती जांच में यह बात निकल कर सामने आई, कि मृतक को सट्टे में लगे पैसों की वसूली के लिए कुछ खाईवालों के द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था। इसके बाद अग्रवाल समाज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए समाज के लोगों से बातचीत की।
गुरुवार को मृतक की अंतिम यात्रा में लोग सट्टे पर कार्रवाई करने के लिए तख्ती लेकर मुक्तिधाम तक गए। बीजेपी के नेताओं ने खुलकर पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा और जल्द कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर परिवार के लोग भी जल्द कारवाई नहीं होने पर उग्र आंदोलन करने की बात कहते दिखे।
दो साल की मासूम बिटिया ने पिता को दी मुखाग्नि
अंतिम संस्कार का सबसे दुखद पहलू यह रहा कि मृतक की दो साल की मासूम बिटिया ने पिता को मुखाग्नि दी। पिता को मासूम के द्वारा मुखाग्नि दिए जाने पर घर के बड़ों ने बताया कि यही उसके पिता की अंतिम इच्छा थी।
तीन सट्टा खाईवालों से पूछताछ
वही देर शाम मिली जानकारी के मुताबिक सीटी कोतवाली पुलिस ने मयंक मित्तल मामले में तीन सट्टा खाईवालों को पूछताछ के लिए थाने उठाकर लाई है। हालाकि अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि होनी बाकी है।