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सराफा कारोबारी लूटकांड… तिहाड़ में बदमाशों की हुई दोस्ती: दिल्ली में प्लानिंग, 20 दिन पहले रेकी, एक लूट से बढ़ी हिम्मत, मास्टरमाइंड पर 70 FIR

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सराफा कारोबारी से हुई सनसनीखेज लूट का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में मास्टरमाइंड विजय लांबा समेत पांच शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। विजय लांबा पर हत्या, लूट और डकैती के 70 से ज्यादा केस दर्ज हैं। जांच में सामने आया कि तिहाड़ जेल में हुई दोस्ती से इस बड़े अपराध की नींव पड़ी।

पुलिस के अनुसार, तिहाड़ जेल में बंद रहने के दौरान विजय लांबा की दोस्ती यूपी के गौतमबुद्धनगर निवासी मोनू उर्फ राहुल उर्फ रोहित से हुई। जेल से बाहर आने के बाद दोनों ने मिलकर बिलासपुर में बड़ी लूट की योजना बनाई। करीब 20 दिन पहले गिरोह ने सराफा कारोबारी संतोष तिवारी की दुकान और घर की रेकी कराई। वारदात से पहले दिल्ली में बैठकर पूरी प्लानिंग की गई और अलग-अलग राज्यों से अपराधियों को जुटाया गया।

17 फरवरी की रात करीब 9:15 बजे सरकंडा थाना क्षेत्र में आरोपियों ने संतोष तिवारी की कार को टक्कर मारकर रोका। विवाद के दौरान पिस्टल दिखाकर उनके सिर पर हथौड़े से हमला किया और कार सहित सोने-चांदी के जेवर व नकदी लेकर फरार हो गए। वारदात के बाद चार आरोपी यूपी भागे, जहां मिर्जापुर में पुलिस ने उनका शॉर्ट एनकाउंटर कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दो आरोपियों के पैर में गोली लगी। उनके पास से करीब साढ़े 5 करोड़ का सोना, नकदी और हथियार बरामद हुए।

पांचवां आरोपी बिलासपुर से गिरफ्तार किया गया। पुलिस जांच में पता चला कि इससे पहले भी गैंग ने एक होटल कारोबारी को लूटने की कोशिश की थी, जिससे उनका हौसला बढ़ गया था। विजय लांबा लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और देश के कई राज्यों में उसके खिलाफ मामले दर्ज हैं।

फिलहाल पुलिस आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर बिलासपुर में पूछताछ करेगी। इस हाई-प्रोफाइल लूटकांड के खुलासे से पुलिस को बड़ी सफलता मिली है और शहरवासियों ने राहत की सांस ली है।

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