बजट 2026: कैंसर की 17 दवाएं सस्ती, EV-सोलर पैनल के दाम घटेंगे; शराब महंगी हो सकती है, ट्रेडिंग पर भी टैक्स बढ़ा

दिल्ली। बजट 2026 में सरकार ने इम्पोर्ट ड्यूटी में बदलाव कर कई जरूरी सामानों को सस्ता करने की घोषणा की है, वहीं कुछ सेक्टर में टैक्स बढ़ने से महंगाई का असर भी दिख सकता है। बजट के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आम आदमी के लिए क्या सस्ता हुआ और क्या महंगा।
क्या सस्ता हुआ?
सरकार ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 लाइफ सेविंग दवाओं पर बेसिक कस्टम ड्यूटी खत्म कर दी है। इससे इलाज का खर्च कम होने की उम्मीद है। इसके साथ ही 7 दुर्लभ बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली इम्पोर्टेड दवाएं और स्पेशल फूड भी टैक्स फ्री कर दिए गए हैं।
इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में माइक्रोवेव ओवन के कुछ पार्ट्स पर कस्टम ड्यूटी घटाई गई है, जिससे कीमतें कम हो सकती हैं। EV बैटरी और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के लिए इस्तेमाल होने वाले सामानों पर ड्यूटी छूट बढ़ाई गई है। सोलर ग्लास में उपयोग होने वाले ‘सोडियम एंटीमोनेट’ पर भी ड्यूटी हटाई गई है, जिससे सोलर पैनल सस्ते होने की संभावना है।
लेदर-टेक्सटाइल और सी-फूड सेक्टर में कच्चे माल पर छूट से जूते-कपड़े सस्ते हो सकते हैं। विदेश यात्रा पर TCS घटाकर 2% किया गया है। एयरक्राफ्ट पार्ट्स पर ड्यूटी हटने से मेंटेनेंस लागत घटेगी।
क्या महंगा हुआ?
शराब पर TCS 1% से बढ़ाकर 2% कर दिया गया है। वहीं फ्यूचर ट्रेडिंग पर STT 0.02% से बढ़ाकर 0.05% और ऑप्शंस पर 0.15% कर दिया गया है, जिससे ट्रेडिंग महंगी पड़ेगी।



