अंधे कत्ल की सुलझी गुत्थी, कत्ल के दो आरोपी पुलिस गिरफ्त में

जयप्रकाश साहू@बलौदाबाजार। जिले के कसडोल थाना पुलिस ने एक और कामयाबी हासिल करते अंधे कत्ल के दो आरोपी सहित एक अन्य आरोपी जिसने कत्ल के बाद मृतक के कार को बिलासपुर ले जाने में मदद की उन तीनों आज पुलिस हिरासत में हैं। कहते है न जुर्म करने के आरोपी एक न एक दिन पुलिस के शिकंजे में जरूर होता हैं लेकिन कसडोल पुलिस ने कत्ल के कुछ घंटों के भीतर ही आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी हासिल की। दरअसल कत्ल का कारण पुराना रंजिश होना बताया गया।
पति की गुमशुदगी के बाद मृतक की पत्नी सविता पाटले ने 29 दिसम्बर को कसडोल थाने में दर्ज कराई थी। जिसके बाद मामले की गम्भीरता को देखते कसडोल थाना प्रभारी केसी दास द्वारा एडिशनल एसपी अभिषेक सिंह के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई और जांच पड़ताल किया गया। जिसके बाद मुखबिर की सुचना पर पता चला कि मृतक शांतिलाल पाटले गायब होने से पहले कसडोल के इंदिरा कालोनी निवासी संजय श्रीवास सहित श्रुजन यादव के साथ देखा गया था। प्रारंभिक पूछताछ में दोनो आरोपियों द्वारा पुलिस को गुमराह किया गया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ के बाद दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल करते बताए पुरानी रंजिश के चलते पहले मृतक को बहला फुसलाकर सोनाखान जंगल की ओर ले गए। मारपीट करते गला दबाकर हत्या कर पहले से ही बने गढ्ढे में शव को डालकर दफन कर दिया।
साथ ही उन्होंने बताया मृतक की स्वीफ्ट कार को बिलासपुर ले जाने के लिए एक और साथी भागवत दास ने मदद की थी। जिनके बाद तीनों आरोपियों के निशानदेही में कसडोल एसडीएम तहसीलदार की उपस्थित में कढ्ढे से शव बाहर निकालकर पीएम कर शव परिजनों के सुपुर्द किया गया और आरोपियों को जेल भेजा गया ,, पूरे कार्यवाही में थाना प्रभारी के साथ देने में गिरीश टण्डन, सुजीत तम्बोली, चमन मिथलेश सहित मनोज ब्रम्हे का अहम योगदान रहा।