भाजपा की आय में 56 प्रतिशत का उछाल: 6 राष्ट्रीय पार्टियों की कुल कमाई का 85 प्रतिशत हिस्सा अकेले BJP के पास

दिल्ली। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए देश की राष्ट्रीय पार्टियों की आय के आंकड़े जारी कर दिए हैं।
रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़ों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आर्थिक ताकत अन्य सभी दलों के मुकाबले कई गुना बढ़ गई है। भाजपा की कुल आय 6,769.15 करोड़ दर्ज की गई है, जो कि देश की सभी 6 राष्ट्रीय पार्टियों की कुल आय का लगभग 85% है।
प्रमुख दलों की आय और खर्च का अंतर
रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रीय दलों की कुल आय में पिछले वर्ष की तुलना में 41.35% की बढ़ोतरी हुई है। भाजपा की आय पिछले साल के मुकाबले 55.95% बढ़ी है, जबकि कांग्रेस की आय में गिरावट दर्ज की गई। कांग्रेस की आय 1,230.73 करोड़ से घटकर ₹918.29 करोड़ रह गई है। भाजपा की कमाई कांग्रेस से लगभग 7 गुना ज्यादा है।
वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) की कमाई में 73.20% की शानदार बढ़ोतरी देखी गई। खर्च के मामले में कांग्रेस अपनी आय से आगे निकल गई है। कांग्रेस ने 918 करोड़ की कमाई के मुकाबले 1,111.95 करोड़ खर्च किए। वहीं, भाजपा ने 3,335 करोड़ खर्च किए, जो उसकी कुल आय के आधे से भी कम है।
कमाई का जरिया: चंदा और कूपन
राजनीतिक दलों की आय का मुख्य स्रोत स्वैच्छिक चंदा रहा है। भाजपा अपनी कुल आय का 90.48% हिस्सा चंदे से जुटाया। कांग्रेस ने चंदे के अलावा कूपन बेचकर करीब 350.05 करोड़ कमाए। बसपा ने चंदे से ‘शून्य’ आय दिखाई है; उनकी पूरी कमाई बैंक ब्याज और निवेश से हुई है।
ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की समय सीमा 31 अक्टूबर 2025 थी, लेकिन सत्ताधारी दल भाजपा ने 56 दिन और कांग्रेस ने 48 दिन की देरी से रिपोर्ट सौंपी। केवल बसपा, आप और एनपीईपी ने समय पर रिपोर्ट जमा की।



