
पुश्तैनी जमीन को लेकर हुए विवाद के बाद एक ही परिवार के चार लोगों ने जहर पी लिया. परिजनों ने आनन-फानन में पास के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां से डॉक्टरों ने चारों को अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में रेफर कर दिया. पुलिस का कहना है कि चारों की हालत खतरे से बाहर है. आनन-फानन में सरकारी अस्पताल में सभी को भर्ती कराया गया. मगर, डॉक्टरों ने चारों को अजमेर के जवाहर लाल नेहरू अस्पताल में रेफर कर दिया. पुलिस का कहना है कि चारों की हालत खतरे से बाहर है. बताया जा रहा है कि बड़े भाई से पुश्तैनी जमीन को लेकर विवाद चल रहा था.
दरअसल, मामला नागौर जिले के मेड़ता सिटी का हैं. यहां के रहने वाले कैलाश चंद माली और भाईयों के बीच पारिवारिक जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद हुआ था. रविवार सुबह 8:30 राजीनामे के लिए बड़े भाई के घर मेहमानों की मीटिंग चल रही थी. मेहमानों ने जो फैसला लिया, इससे कैलाश चंद (45), पत्नी उर्मिला(42) बेटी विशाखा (21) और बेटा कृष्णा (18) ने खेतों में छिड़काव करने वाले ‘ओगर्नो फॉस्फोरस’ की दो बोतलें पी ली.
पुश्तैनी जमीन को लेकर बड़े भाई से चल रहा था विवाद
सूचना मिलते ही मेड़ता थाना अधिकारी प्रमोद कुमार शर्मा मय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे. सभी को मेड़ता की राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया. वहां से गंभीर हालत में अजमेर रेफर कर दिया गया. पुलिस के मुताबिक, कैलाश का पुश्तैनी जमीन को लेकर अपने ही बड़े भाई से विवाद चल रहा था. इसके कारण कैलाश और उसका परिवार परेशान था.
कुछ घंटों बाद में दिखाई देता है असर
डॉक्टरों के मुताबिक परिवार के सदस्यों ने जिस जहर का सेवन किया उसका असर कुछ घंटों बाद दिखाई देता हैं. परिवार के चारों सदस्य जहर का प्रभाव अधिक होने से पहले ही उपचार के लिए सामुदायिक चिकित्सालय पहुंच गए है. उन्हें समय रहते उपचार करते हुए अजमेर रेफर कर दिया गया है. पीड़ित के परिजन दो शीशी साथ लेकर आए थे, जिसके आधार पर जहर का पता लग पाया है.