सीएम साय शामिल हुए पेंशनर सम्मेलन में, पेंशनर्स को बताया समाज की धरोहर

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि पेंशनर्स समाज की अमूल्य धरोहर हैं, जिन्होंने अपने सेवाकाल में शासन-प्रशासन की मजबूत नींव रखी और आज भी अपने अनुभव के माध्यम से राज्य के विकास में योगदान दे रहे हैं।
प्रशासनिक व्यवस्था के सुचारू संचालन में पेंशनरों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री पमशाला में आयोजित सरगुजा संभागीय पेंशनर सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य गठन के समय अनेक शासकीय सेवकों ने विषम परिस्थितियों में काम कर नवगठित राज्य को दिशा दी।
भले ही वे अब सेवानिवृत्त हो चुके हों, लेकिन उनका अनुभव और मार्गदर्शन आज भी युवा अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए प्रेरणास्रोत है। सम्मेलन में उन्होंने 80 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ पेंशनरों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पूर्व सरगुजा कमिश्नर रिटायर्ड आईएएस महेश्वर साय पैंकरा द्वारा लिखित पुस्तकों ‘करमडार एवं अन्य कथनी’ तथा ‘महुवा के फूल’ का विमोचन भी किया।
उन्होंने पेंशनर संघ की विभिन्न मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया और कहा कि राज्य सरकार पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए सदैव संवेदनशील रहेगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मेलन के दौरान राधा-कृष्ण मंदिर में दर्शन व पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना भी की।
कार्यक्रम में पेंशनर संघ के प्रांताध्यक्ष डॉ. डी.पी. मनहर ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय पेंशनर सम्मेलन में शामिल होने वाले पहले मुख्यमंत्री हैं, जिससे पेंशनरों में उत्साह और आत्मसम्मान की भावना बढ़ी है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
सम्मेलन में मुख्यमंत्री साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, जिला पंचायत अध्यक्ष सालिक साय, पूर्व विधायक भरत साय, पेंशनर संघ के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में सरगुजा संभाग के पेंशनर्स उपस्थित रहे। सम्मेलन का माहौल आत्मीयता, सम्मान और अनुभव साझा करने की भावना से ओतप्रोत रहा।





