Bijapur: पहली बार डिजिटल प्लेटफार्म पर वेपन हेंडलिंग से कानून की पढ़ाई तक, धनोरा सीएएफ कैम्प में 377 आरक्षक हवलदार पदोन्नति प्रशिक्षण में हुए शामिल
दंतेश्वर कुमार@बीजापुर। (Bijapur) आमतौर पर प्रदेश में पुलिस कर्मियों को बेसिक हो या पदोन्नति के वक्त ट्रेनिंग मैदान पर ही दी जाती है, लेकिन बीजापुर के धनोरा स्थित छ सब 15 वी वाहिनी में आयोजित प्रधान आरक्षक पदोन्नति प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिछुओ को मैदानी ट्रेनिंग के साथ डिजिटल प्लेटफार्म पर भी बन्दूक चलाने से लेकर तमाम तरह की कानूनी जानकारी दी गई। ऐसा पहली बार देखने को मिला है,जब हाईटेक ट्रेनिंग के प्रबन्ध किये गए हो। एक महीने के प्रशिक्षण के दौरान कमांडिंग आफिसर सुजीत कुमार के नेतृत्व में 307 प्रशिछु सम्मिलित हुए। जिसमें 277 पुरुष और 30 महिला आरक्षक शामिल थे।
इस दौरान इनडोर, आउटडोर और आवश्यकता अनुसार रात्रि कालीन क्लासेज के जरिये उन्हें प्रशिक्षत किया गया। इंडोर क्लासेज में व्यवहारिक जानकारी प्रदाय करने हेतु बीजापुर जिले में कार्यरत निरीक्षक, उपनिरीक्षक, पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारी भी पहुँचे। इस दौरान प्रशिछु ओ को थाना भ्रमण भी करवाया गया। जहाँ एफआईआर, मुलाहिजा पत्रक आदि कागजी कार्रवाई की प्रक्रिया से अवगत करवाया गया। ट्रेनिंग इंचार्ज सीडीआई अमित शर्मा के मुताबिक प्रदेश में पहली मर्तबा कहीँ प्रशिक्षण हेतू स्मार्ट टीवी की व्यवस्था की गई थी। जिसके जरिये वेपन हेंडलिंग, फील्ड क्राफ्ट व कानून सम्बंधित जानकारी दी गई।
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साथ ही उनके सर्वांगीण विकास के लिए मनोरंजन और खेल की सुविधा भी मुहैया करवाई गई। उन्होंने बताया कि 15 वी वाहिनी धनोरा कैमो में पहली बार प्रशिक्षण का आयोजन हुआ, सीमित संसाधनों के बाबजूद व्यवस्था दुरुस्त रखने में कामयाब रहे। साथ सीमित समयावधि में प्रशिछु ओ को अधिक से अधिक जानकारी देने का प्रयास किया गया, जिससे भविष्य में अपने थानों में सौंपे गए दायित्वों के निर्वहन में खड़े उतरे।