दिल्ली। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग से ठीक 24 घंटे पहले चुनाव आयोग ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। 23 अप्रैल को होने वाली वोटिंग से पहले हाई-प्रोफाइल नंदीग्राम सीट पर पुलिस ऑब्जर्वर को बदल दिया गया है। आयोग ने हितेश चौधरी को हटाकर उनकी जगह पूर्व सीबीआई अधिकारी अखिलेश सिंह को जिम्मेदारी सौंपी है।
यह फैसला तृणमूल कांग्रेस (TMC) की शिकायत के बाद लिया गया है। पार्टी ने नंदीग्राम पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि स्थानीय पुलिस बीजेपी के पक्ष में काम कर रही है और उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही। टीएमसी ने चुनाव आयोग को लिखे पत्र में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद आयोग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑब्जर्वर बदलने का आदेश जारी कर दिया।
नंदीग्राम सीट इस चुनाव की सबसे चर्चित और संवेदनशील सीट मानी जा रही है, जहां सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। नए पुलिस ऑब्जर्वर अखिलेश सिंह अनुभवी अधिकारी हैं। वे पहले कोलकाता में सीबीआई में सेवाएं दे चुके हैं और वर्तमान में असम में आईजी के पद पर कार्यरत हैं।
चुनाव आयोग ने पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 84 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात किए हैं। इससे पहले मालदा और जंगीपुर में भी ऑब्जर्वर बदले जा चुके हैं। नंदीग्राम में इस बदलाव को चुनावी निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर दो चरणों में मतदान होना है। पहले चरण की वोटिंग 23 अप्रैल को जबकि दूसरे चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को होगी। चुनाव के नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
