Bemetara: 6 माह के भीतर निवेशकों को पैसा लौटाने का फैसला, मगर दर-दर भटकने को मजबूर, अब भारी संख्या में लोगों ने रैली निकालकर जताया विरोध

दुर्गा प्रसाद सेन @बेमेतरा। पल्स ग्रुप ऑफ कंपनी से जिले के हजारों निवेशकों का पैसा नहीं मिलने से केंद्र सरकार और राज्य सरकार के विरोध में भारी संख्या में महिला पुरुषों ने एक दिवसीय धरना और रैली निकालकर विरोध जताया।
इस मामले में निवेशकों ने बताया कि पल्स ग्रुप ऑफ कंपनी भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है और 1983 से योजना चला रही थी जिसके तहत कंपनी द्वारा 1996 से रियल स्टेट की योजना चल रहा था। जिसमें बेमेतरा जिले के अंतर्गत 50 हजार से भी अधिक निवेशकों के 70 से 80 करोड़ रुपये शामिल है। वही पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में 10 लाख निवेशकों का 1000 करोड़ रुपए शामिल है, लेकिन अचानक 2014 को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड सेबी ने कंपनी की योजना को अवैध मानकर बंद कर दिया और सारे बैंक खाता एवं संपत्ति या जप्त कर ली। जिससे निवेशकों को पैसा मिलना बंद हो गया।
एआईएसओ संगठन एक समाज कल्याणकारी राष्ट्रीय पंजीकृत संस्था है। जब इस पूरे मामले पर इस संस्था द्वारा निवेशकों द्वारा पक्ष सुप्रीम कोर्ट में रखा गया, उस समय के तत्कालीन न्यायाधीश की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया। कंपनी की संपत्ति को 6 माह के अंदर निवेशकों का पैसा लौटाने का फैसला आया। इतने समय गुजर जाने के बावजूद भी निवेशक अपने पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।