दिल्ली। अलवर से जुड़े एक चौंकाने वाले मामले में दिल्ली में पदस्थ जज की आत्महत्या के बाद पारिवारिक विवाद और गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 30 वर्षीय जज अमन कुमार शर्मा ने 2 मई को दिल्ली स्थित घर में फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के समय उनकी पत्नी घर पर मौजूद थी, लेकिन आरोप है कि उसने उन्हें रोकने की कोशिश नहीं की और बच्चों को लेकर घर से निकल गई।
मृतक के पिता एडवोकेट प्रेम कुमार शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा पत्नी से काफी परेशान था। घटना वाले दिन जब बहू बच्चों के साथ घर से जा रही थी, तो उन्होंने पूछा कि अमन कहां है। इस पर बहू ने जवाब दिया—“मुझे नहीं पता।” बाहर उसकी IAS बहन कार लेकर खड़ी थी और दोनों वहां से चली गईं।
परिजनों के मुताबिक, इसके बाद घर में सन्नाटा देख पिता ने बेटे को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। फोन करने पर मोबाइल की घंटी बाथरूम में सुनाई दी। नौकर की मदद से बाथरूम का शीशा तोड़ा गया, जहां अमन फंदे पर लटके मिले।
जानकारी के अनुसार, अमन मूल रूप से खैरथल-तिजारा क्षेत्र के रहने वाले थे और वर्तमान में उनका परिवार अलवर शहर में रहता है। उनकी पोस्टिंग दिल्ली कोर्ट में थी, जबकि पत्नी भी न्यायिक सेवा में है। दोनों के दो बच्चे हैं।
परिजनों ने आरोप लगाया है कि अमन की पत्नी और उसकी IAS बहन के कारण घर में विवाद बढ़ा। घटना के एक दिन पहले अमन ने पिता को फोन कर कहा था कि वह जिंदगी से परेशान है और तुरंत दिल्ली आने को कहा था।
घटना के बाद पुलिस ने पत्नी के खिलाफ प्रताड़ना के चलते आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया है। उसका मोबाइल जब्त कर लिया गया है और जांच जारी है। 3 मई को अलवर में अमन का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें पत्नी शामिल नहीं हुई।
