LNG सप्लाई पर लगी रोक हटी: हॉर्मुज रूट से फिर शुरू हुई शिपमेंट, उद्योगों को मिलेगी राहत

दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की आपूर्ति पर लागू आपातकालीन प्रतिबंध हटा दिए हैं।

पश्चिम एशिया में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच संघर्ष थमने तथा युद्धविराम के बाद स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से LNG जहाजों की आवाजाही सामान्य होने पर यह फैसला लिया गया है।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर ‘इमरजेंसी नेचुरल गैस सप्लाई रेगुलेशन ऑर्डर’ वापस लेने की घोषणा की।

सरकार के इस फैसले से सबसे ज्यादा राहत औद्योगिक क्षेत्र को मिलेगी, क्योंकि LNG का व्यापक उपयोग उर्वरक, बिजली उत्पादन, सिरेमिक, स्टील और अन्य उद्योगों में किया जाता है।

पिछले कुछ महीनों से गैस आपूर्ति बाधित होने के कारण कई उद्योगों को उत्पादन और लागत दोनों स्तर पर परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव के दौरान स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित हो गई थी।

कई अंतरराष्ट्रीय सप्लायरों ने भारत आने वाले LNG कार्गो रोक दिए थे या उन्हें दूसरे देशों की ओर मोड़ दिया था। स्थिति को देखते हुए सरकार ने 9 मार्च 2026 को आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत आपातकालीन गैस आपूर्ति नियंत्रण आदेश लागू किया था।

संकट खत्म होने के बाद सरकार ने अब तक तीन बड़े प्रतिबंध वापस ले लिए हैं। इससे पहले रिफाइनरियों को LPG उत्पादन बढ़ाने के लिए दिए गए विशेष निर्देश और थोक उपभोक्ताओं को डीजल बिक्री पर लगाई गई सीमा भी हटाई जा चुकी है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर काफी निर्भर है। देश अपनी लगभग 88% कच्चे तेल की जरूरत और करीब 50% LNG विदेशों से मंगाता है।

कुल LNG आयात का लगभग 65% हिस्सा खाड़ी देशों से आता है, जिसमें कतर प्रमुख आपूर्तिकर्ता है। ऐसे में स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज का सुचारु संचालन भारत की ऊर्जा सुरक्षा और औद्योगिक गतिविधियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

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