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बालसमुंद जलाशय में आर्द्रभूमि संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन हेतु जागरूकता कार्यक्रम

रायपुर। विश्व आर्द्रभूमि दिवस 2026 के अवसर पर 2 फरवरी को बलौदाबाजार जिले के पलारी स्थित बालसमुंद जलाशय में आर्द्रभूमि संरक्षण एवं जैव विविधता संवर्धन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम सह कार्यशाला का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम सिद्धेश्वर महादेव मंदिर परिसर, बालसमुंद जलाशय क्षेत्र में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बलौदाबाजार के तत्वावधान में संपन्न हुआ।

कार्यशाला का उद्देश्य आर्द्रभूमियों के पारिस्थितिक महत्व, जैव विविधता संरक्षण तथा स्थानीय समुदाय की सहभागिता को बढ़ावा देना था।

कार्यक्रम में लगभग 60 प्रतिभागियों, 5 विशेषज्ञों तथा जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए 49 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इस दौरान पक्षी अवलोकन और आर्द्रभूमि अध्ययन से जुड़ी व्यावहारिक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।

विद्यार्थियों द्वारा जलाशय से जल नमूने एकत्र किए गए तथा बारनवापारा अभ्यारण्य के फॉरेस्ट गाइड्स के सहयोग से कुल 46 पक्षी प्रजातियों की पहचान की गई।

विशेषज्ञों ने बताया कि आर्द्रभूमियाँ पक्षियों और जलीय जीवों का प्राकृतिक आवास होने के साथ-साथ भूजल पुनर्भरण, बाढ़ नियंत्रण, जल शुद्धिकरण और स्थानीय जलवायु संतुलन में अहम भूमिका निभाती हैं।

बालसमुंद जलाशय स्थानीय और प्रवासी पक्षियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जहां हर वर्ष बड़ी संख्या में पक्षी विचरण करते हैं।

कार्यक्रम के दौरान वनमंडलाधिकारी धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में जिले की आर्द्रभूमियों को अधिसूचित करने के प्रयासों की जानकारी दी गई।

इस अवसर पर उप-विभागीय अधिकारी (वन) निश्‍चल चंद शुक्ला, वन परिक्षेत्र अधिकारी प्रखर नायक तथा कार्यक्रम संयोजक सहायक प्राध्यापक प्रो. अजय मिश्रा उपस्थित रहे।

नगर पंचायत पलारी के अध्यक्ष गोपी साहू, उपाध्यक्ष पिंटू वर्मा सहित वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी कार्यक्रम में शामिल हुए।

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