दिल्ली। मार्च 2026 में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। असम, बंगाल और केरल में उम्मीदवारों की घोषणा और आंतरिक कलह ने चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल दिया है।
असम में सत्तारूढ़ भाजपा ने अपनी चुनावी रणनीति स्पष्ट कर दी है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के अनुसार, बीजेपी 89 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी, जबकि सहयोगी दल असम गण परिषद (AGP) को 26 और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) को 11 सीटें दी गई हैं। इसी बीच, चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है; नगांव से सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।
पश्चिम बंगाल: ममता का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, 74 विधायकों के टिकट कटे
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की प्रमुख ममता बनर्जी ने इस बार कड़ा रुख अपनाते हुए 74 मौजूदा विधायकों के टिकट काट दिए हैं। पार्टी ने 291 सीटों पर उम्मीदवारों का ऐलान किया है, जिसमें 52 महिलाएं और 42 युवा चेहरे (40 वर्ष से कम) शामिल हैं। ममता बनर्जी स्वयं भबानीपुर से चुनाव लड़ेंगी, जहां उनका सीधा मुकाबला भाजपा के सुवेंदु अधिकारी से होगा। टिकट न मिलने से नाराज कार्यकर्ताओं ने दक्षिण 24 परगना जैसे इलाकों में टायर जलाकर प्रदर्शन भी किया।
केरल: ‘आप’ की दूसरी लिस्ट और खाड़ी का मुद्दा
केरल में आम आदमी पार्टी (AAP) ने अपनी सक्रियता बढ़ाते हुए 21 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी कर दी है। इसके साथ ही, केरल और तमिलनाडु के चुनावों में ‘खाड़ी देशों का संकट’ एक बड़ा मुद्दा बनकर उभरा है। चूंकि इन राज्यों के लाखों लोग खाड़ी देशों में कार्यरत हैं, इसलिए उनकी सुरक्षा और रोजगार को लेकर भाजपा, कांग्रेस और वामपंथी दल एक-दूसरे को घेर रहे हैं।
