National: लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में सुनवाई स्थगित, जांच निगरानी पर सोमवार को फैसला

नई दिल्ली। (National) उच्चतम न्यायालय में लखीमपुर खीरी हत्याकांड मामले में जांच की निगरानी का जिम्मा उच्च न्यायालय के अवकाश प्राप्त न्यायाधीश को देने के पर शुक्रवार को निर्णय नहीं लिया जा सका और इस मामले में सोमवार हो फैसला सकता है।
मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन , न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली (Chief Justice NV Raman, Justice Surya Kant and Justice Hima Kohli) की पीठ ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार (Government of Uttar Pradesh) का पक्ष रख रहे वरिष्ठ वकील हरीश साल्वे (Senior Advocate Harish Salve) की गुजारिश पर सुनवाई सोमवार तक के लिए टाल दी।
आरोपी को बचाने की कोशिश करने समेत कई सवाल किये थे खड़े
(National) शीर्ष अदालत ने पिछली सुनवाई के दौरान प्रथम दृष्टया एक आरोपी को बचाने की कोशिश करने समेत कई सवाल सरकार पर खड़े किये थे। (National) सरकार को गवाहों की सुरक्षा का आदेश देते हुए भारतीय दंड विधान संहिता (सीआरपीसी) की धारा 164 के तहत उनके बयान दर्ज कराने में तेजी लाने का आदेश खंडपीठ ने दिया था। शीर्ष न्यायालय ने राज्य सरकार द्वारा सबूतों को इकट्ठा करने में कथित तौर पर ढीला रवैया अपनाने पर खिंचाई की थी और उपलब्ध सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका व्यक्त करते हुए उसे सुरक्षित रखने के लिए जरुरी उपाय करने का आदेश सरकार को दिया था।
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कृषि कानूनों के विरोध में 4 समेत 8 लोगों की मौत
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में 3 अक्टूबर को केंद्र के नये कृषि कानूनों का विरोध कर रहे 4 किसानों समेत 8 लोगों की मौत हो गयी थी।
इस मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के नेता अजय मिश्रा के पुत्र आशीष मिश्रा आरोपियों में शामिल है। पुलिस ने आशीष समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आशीष को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है।
सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को कार से कुचला
एक साल से आंदोलनरत किसान 3 अक्टूबर को केंद्रीय राज्य मंत्री पैतृक गांव में आयोजित एक कार्यक्रम को लेकर उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि लखीमपुर खीरी में सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे किसानों को कार से कुचल दिया गया। इस कार में अन्य आरोपियों के साथ आशीष भी सवार था। कार से कुचलकर चार लोगों की मृत्यु के बाद भड़की हिंसा में चार अन्य लोग मारे गये थे। लोगों को कुचलने वाली गाड़ियों में गुस्सायी भीड़ द्वारा आग लगा दी गयी थी। इस घटना में मरने वालों में एक स्थानीय पत्रकार और भारतीय जनता पार्टी के दो कार्यकता शामिल हैं।