छत्तीसगढ़ में धान खरीदी के लिए 360 नए केंद्रों को मंजूरी, अब 3100 केंद्रों पर होगी खरीद

दो लाख से अधिक किसानों को मिलेगा फायदा, 15 नवंबर से शुरू होगी खरीदी; 10 नवंबर से मिलेंगे ऑनलाइन टोकन

रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान धान खरीदी की व्यवस्था को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार ने 360 नए उपार्जन केंद्रों को मंजूरी दी है। इससे प्रदेश में धान खरीदी केंद्रों की संख्या 2740 से बढ़कर 3100 हो जाएगी।

सरकार के इस फैसले से दो लाख से अधिक पंजीकृत किसानों को सीधे फायदा मिलने की उम्मीद है। किसानों को अब धान बेचने के लिए दूर के केंद्रों तक जाने और लंबी कतारों में इंतजार करने से राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि अन्नदाता किसानों की मेहनत का सम्मान और उनकी सुविधाओं का विस्तार सरकार की प्राथमिकता है। नए केंद्र खोलने का उद्देश्य केवल संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि धान विक्रय की प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाना है।

15 नवंबर से शुरू होगी धान खरीदी

राज्य में धान खरीदी 15 नवंबर 2026 से शुरू होकर 15 जनवरी 2027 तक चलेगी। खरीदी शुरू होने से पहले 2 से 5 नवंबर तक समितियों में ट्रायल रन किया जाएगा। वहीं, किसानों के लिए 10 नवंबर से टोकन जारी करने की व्यवस्था शुरू होगी।

घर बैठे मिलेगा ऑनलाइन टोकन

इस साल भी किसान ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप के जरिए घर बैठे धान बेचने के लिए ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे। यह सुविधा 24 घंटे उपलब्ध रहेगी। इससे किसानों को समितियों में बार-बार चक्कर लगाने और टोकन के लिए कतार में खड़े होने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

परिवहन खर्च और समय की होगी बचत

नए उपार्जन केंद्र खुलने से किसानों को अपने गांव या आसपास ही धान बेचने की सुविधा मिलेगी। इससे दूरस्थ केंद्रों तक उपज पहुंचाने में होने वाला परिवहन खर्च कम होगा। साथ ही पुराने केंद्रों पर भीड़ का दबाव घटेगा और धान की तौल, गुणवत्ता परीक्षण सहित खरीदी की अन्य प्रक्रियाएं व्यवस्थित तरीके से हो सकेंगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि किसी भी किसान को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े। किसानों के समय, श्रम और धन की बचत के साथ उन्हें उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिलाने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

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