पाकिस्तान से ड्रग्स तस्करी रूट पर अब गोला-बारूद की खेप: श्रीगंगानगर बना ‘लॉजिस्टिक हब’, चीन-तुर्किए के हथियार पूरे देश में सप्लाई

दिल्ली। भारत-पाकिस्तान इंटरनेशनल बॉर्डर से सटा राजस्थान का श्रीगंगानगर अब विदेशी हथियारों के लिए नया ‘लॉजिस्टिक हब’ बन रहा है। जिस रूट का इस्तेमाल पहले नशे की तस्करी के लिए होता था, उसी मार्ग से अब पाकिस्तान में बैठे ISI समर्थित तस्कर ड्रोन के जरिए चीन और तुर्किए में बने हाईटेक हथियार गिरा रहे हैं। यहां से यह हथियार पंजाब, दिल्ली, यूपी और गुजरात तक पहुंचाए जा रहे हैं।
पिछले एक महीने में तीन से ज्यादा बड़ी कार्रवाई इस नेटवर्क का पर्दाफाश कर चुकी हैं। 20 नवंबर को लुधियाना पुलिस के एनकाउंटर में पकड़ा गया श्रीगंगानगर निवासी रामलाल इसी आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा था। उसके पास से हैंड ग्रेनेड और 5 पिस्टल मिलीं। पूछताछ में सामने आया कि हथियार पाकिस्तान स्थित हैंडलर जसवीर उर्फ चौधरी ने ड्रोन से गिराए थे। 27 नवंबर को श्रीगंगानगर के रॉकी नेहरा की गिरफ्तारी ने इस नेटवर्क को और साफ किया। रॉकी पिछले डेढ़ साल से तस्करों के संपर्क में था और उसने ही हथियार पंजाब तक पहुंचाए थे।
13 नवंबर को लुधियाना में 10 आतंकियों की गिरफ्तारी के साथ चीन निर्मित 86p ग्रेनेड जब्त किए गए, जिनका कनेक्शन भी श्रीगंगानगर के अवि विश्वकर्मा तक पहुंचा। वहीं 11 नवंबर को गुजरात एटीएस ने तीन संदिग्ध आतंकियों को पकड़ा, जिन्हें हनुमानगढ़ के जरिए वही हथियार मिले थे। इन सभी मामलों में एक ही रूट सामने आया—पाकिस्तान से ड्रोन ड्रॉप, हनुमानगढ़-स्रीगंगानगर से लॉजिस्टिक हैंडलिंग और भारतमाला एक्सप्रेस-वे के जरिए हथियारों की आगे सप्लाई।
दिल्ली पुलिस ने भी 22 नवंबर को एक इंटरनेशनल नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो पाकिस्तान से तुर्की-चीन के हथियार मंगवाकर लॉरेंस, बंबीहा और गोगी गैंग तक पहुंचा रहा था। पत्रकारों के अनुसार, अमेरिका से डिपोर्ट गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई ने भी इसी रूट से हथियार मंगवाने की बात कबूली है।
अब यह साफ हो चुका है कि ड्रग्स रूट ही हथियार तस्करी की नई लाइफलाइन बन गया है। लंबी सीमा, कम आबादी, पंजाब से सीधा कनेक्शन और पहले से एक्टिव नेटवर्क इस रूट को तस्करों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना बना रहे हैं।





