नवा रायपुर में विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया; CM विष्णुदेव साय रहे मौजूद, लोक कलाकारों और गायक अभिजीत भट्टाचार्य की प्रस्तुतियां भी हुईं
रायपुर। छत्तीसगढ़ के तीन दिवसीय राज्योत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। नवा रायपुर स्थित राज्योत्सव मैदान में आयोजित समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह शामिल हुए। उन्होंने विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने की। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रदेश की विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित किया गया।
अमित शाह मंगलवार को रायपुर पहुंचे थे। एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने उनका स्वागत किया। इसके बाद वे नवा रायपुर पहुंचे और विकसित भारत संकल्प पार्क का लोकार्पण किया। राज्योत्सव के समापन समारोह में प्रदेश की संस्कृति, परंपरा और विकास की झलक देखने को मिली।
विभूतियों को राज्य अलंकरण से सम्मान
समारोह में कला, संस्कृति, साहित्य, समाजसेवा और अन्य क्षेत्रों में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को राज्य अलंकरण प्रदान किए गए। राज्योत्सव के दौरान छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।
दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के कलाकारों ने लोकसंगीत की प्रस्तुति दी। पद्मश्री उषा बारले ने पंडवानी के जरिए छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत को मंच पर प्रस्तुत किया। वहीं, रात 9 बजे के बाद पार्श्व गायक अभिजीत भट्टाचार्य की म्यूजिकल परफॉर्मेंस प्रस्तावित थी।
नक्सलवाद के खिलाफ अभियान के बीच दौरा
अमित शाह का छत्तीसगढ़ दौरा ऐसे समय हुआ, जब प्रदेश में नक्सलवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों का अभियान जारी है। केंद्रीय गृहमंत्री ने देश से नक्सलवाद खत्म करने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की थी।
ऐसे में राज्योत्सव के समापन समारोह में उनकी मौजूदगी को नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है।
40 हजार वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था
राज्योत्सव में लोगों की सुविधा के लिए प्रशासन ने व्यापक इंतजाम किए थे। आयोजन स्थल तक पहुंचने के लिए छह अलग-अलग रास्तों से प्रवेश की व्यवस्था की गई। करीब 40 हजार वाहनों की पार्किंग के इंतजाम किए गए थे।
इसके अलावा परिसर में 300 शौचालय बनाए गए। स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए अस्पताल और 25 एंबुलेंस तैनात की गई थीं। तीन दिनों तक चले आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और विकास से जुड़े प्रदर्शनों का अवलोकन किया।
