सरगुजा-अंबिकापुर

Ambikapur: खतरों को नजरअंदाज करते लोग, मगर स्वाद से कोई समझौता नहीं…. आखिर क्या यहां के लिए नहीं है नियम…देखिये ये वीडियो

शिव शंकर साहनी@अंबिकापुर। (Ambikapur) भारत में कोरोनावायरस के बाद अब बर्ड फ्लू का खतरा मंडरा रहा है. राजस्थान, मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद छत्तीसगढ़ में भी हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है.लेकिन सरगुजा के लोग बर्ड फ्लू जैसी गंभीर बीमारी को नज़रअंदाज़ कर रहे हैं. वहीं प्रशासन भी इस ओर गंभीर नहीं दिख रहा है.. (Ambikapur)  देखिये एक खास रिपोर्ट

(Ambikapur) कोरोना महामारी के बीच नये साल 2021 में बर्ड फ्लू वायरस ने भी दस्तक दे दिया है. राजस्थान, मध्यप्रदेश और हिमाचल प्रदेश में प्रवासी पक्षियों की मौत के बाद बर्ड फ्लू की पुष्टि हुई है. देश के तीन राज्यों में बर्ड फ्लू के दस्तक से अन्य राज्य भी सचेत हो गए हैं. इनमें से एक छत्तीसगढ़ राज्य भी है. यहां की सरकार बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए सभी जिलों में हाई अलर्ट जारी कर दी है. लेकिन सरकार की एडवाइजरी का असर सरगुजा जिले में देखने को नहीं मिल रहा है. हालांकि सरकारी कुक्कुट पालन केंद्र में एहतियात बरता जा रहा है.बर्ड फ्लू के खतरे को देखते हुए सरकारी कुकुट पालन केंद्र में बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. साथ ही चिकित्सकों द्वारा पीपीई किट पहनकर दवाई का छिड़काव किया जा रहा है.

Ambikapur: हाथियों का आंतक, तोड़ा ग्रामीणों का घर, सफाचट कर गए पूरा राशन, दहशत में ग्रामीण

लेकिन खतरा यहीं खत्म नहीं हुआ बर्ड फ्लू के फैलने का सबसे ज्यादा खतरा शहर के मरीन ड्राइव स्थित मटन मार्केट में बना हुआ है. तीन राज्यों में बर्ड फ्लू की पुष्टि होने के बाद भी अंबिकापुर के मटन मार्केट में रोजाना मुर्गे खरीदने के लिए हजारो की संख्या में भीड़ उमड़ रही है. एक तरफ जहां सरकारी कुक्कुट पालन में चिकित्सक पीपीई किट पहनकर बर्ड फ्लू से बचाव के लिए दवा का छिड़काव कर रहे हैं. वहीं शहर के सबसे प्रचलित मटन मार्केट में बर्ड फ्लू से बचाव के लिए सावधानी नही बरती जा रही है.मटन दुकानों में बाहरी काकरेल मुर्गे की बिक्री जोरों पर है.मटक दुकान के संचालक व्यापार करने में लगे हुए हैं और आम नागरिक भी बर्ड फ्लू जैसे गंभीर वायरस को नज़र अंदाज़ करते दिख रहे हैं.

वही प्रशासनिक रवैया हैरान करने वाला है.कलेक्टर का कहना है कि राज्य सरकार के निर्देश पर वेटनरी विभाग के द्वारा सभी सरकारी गैर सरकारी सहित मटन दुकान के संचालकों को एडवाइजरी जारी कर दिया गया है.लेकिन प्रशासन के एडवाइजरी जारी करने का दावा मटन मार्केट और पोल्ट्री फार्म में खोखला साबित हो रहा है. हालांकि प्रशासन जागरूकता अभियान चलाने की बात जरूर कह रहा है..

हालांकि छत्तीसगढ़ के किसी भी जिलों में अभी तक बर्ड फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन प्रदेश के अन्य जिलों के साथ-साथ सरगुजा जिले में भी बाहरी मुर्गों के बेचे जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. लेकिन यह प्रतिबंध सिर्फ कागजों में लगा है. मटन संचालक खुद मान रहे हैं कि प्रशासन की ओर से किसी भी तरह का दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया है. बहरहाल लोग अपने स्वाद के लिए मटन दुकान की ओर रुख तो कर रहे हैं, लेकिन बर्ड फ्लू को गंभीरता से न लेना आम नागरिकों सहित प्रशासनिक अमले के लिए आने वाले दिनों में घातक साबित हो सकता है। 

Related Articles

9 Comments

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Back to top button