
धमतरी
संदेश गुप्ता@धमतरी. शहर जो करीब 130 साल नगर पालिका रहा, अब करीब 8 साल से निगम है.. और शुरू से इस निकाय का दफ्तर वहीँ का वही है यानी के इतवारी बाजार के पास, फिर भी बड़ी संख्या में ऐसे लोग है जिन्हें आज तक नही पता है कि धमतरी नगर निगम का दफ्तर कहा है।

इस बीच कोतवाली के सामने गांधी मैदान और मंच का सौंदर्यीकरण किया गया था.. घेरा लगवाया गया, और मंच में बड़े अक्षरों में लिखा है,
गांधी मैदान
नगर पालिक निगम, धमतरी
यही बड़े अक्षर देख कर वो सभी लोग भ्रमित हो जाते है कन्फ्यूज़ हो जाते है, जिन्हें अभी तक निगम का पता… नही पता है.. और सीधे कोतवाली थाने को निगम समझ कर, भटकते हुए पहुँच जाते है.. फिर किसी के बताने पर जाते है, रोजाना 10 से ज्यादा लोग इसी तरह, एक ही कारण से भटकते है, वैसे इसमें न निगम प्रशासन की गलती है न आम लोगो की… लेकिन ये गांधी मैदान का मंच अनजाने ही भ्रम पैदा करने का कारण बन गया है, निगम चाहे तो इसे ठीक कर सकता है, लेकिन इसके लिए, गांधी मैदान के नीचे लिखा हुआ, नगर पालिक निगम शब्द हटाना पड़ेगा।