बस्तर। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले की बकावंड तहसील में एक पटवारी पर जमीन के पट्टे और सीमांकन के नाम पर ग्रामीणों से नकदी के साथ-साथ बकरे और बैल तक रिश्वत में लेने का गंभीर आरोप लगा है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और पीड़ित ग्रामीण न्याय की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार कोलावल, मैलबेड़ा, रताखंडी और भिरेंडा गांव के कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कोलावल हल्का में पदस्थ पटवारी ने वर्षों से लंबित राजस्व मामलों के समाधान का भरोसा देकर उनसे बड़ी रकम वसूली। ग्रामीण मंगतू ने बताया कि पट्टा बनवाने के नाम पर उससे 40 हजार रुपये और एक बकरा लिया गया, लेकिन आज तक उसका काम नहीं हुआ।
वहीं संपत नामक ग्रामीण ने बताया कि उसने अपनी जमीन संबंधी कार्य कराने के लिए बैलों की एक जोड़ी बेच दी। बैल बेचने से मिले 45 हजार रुपये में से 30 हजार रुपये पटवारी को दे दिए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी तरह लालाराम से 10 हजार रुपये और रूपसाय से किश्तों में 55 हजार रुपये लेने का भी आरोप है।
ग्रामीणों का कहना है कि रकम और मवेशी लेने के बाद पटवारी ने फोन बंद कर दिया और क्षेत्र से गायब हो गया। इससे परेशान ग्रामीण अब अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
मामले को लेकर ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी राशि वापस नहीं की गई और दोषी पटवारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्ट्रेट का घेराव करेंगे।
इस संबंध में बकावंड के अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) मनीष वर्मा ने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। संबंधित पटवारी के खिलाफ जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
