महिला आरक्षण प्रदर्शन मामले में अलका लांबा दोषी करार, 4 जून को सजा पर फैसला सुनाएगी अदालत

दिल्ली। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला आरक्षण और महिला सुरक्षा से जुड़े विरोध प्रदर्शन के मामले में कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक अलका लांबा को दोषी करार दिया है। यह मामला साल 2024 में जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन से जुड़ा है। अदालत ने अब सजा पर सुनवाई के लिए 4 जून की तारीख तय की है।

पुलिस के मुताबिक यह प्रदर्शन बिना अनुमति आयोजित किया गया था, जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई। इसी आरोप के तहत पुलिस ने अलका लांबा समेत अन्य प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की थी। मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने लांबा को दोषी माना।

हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि अदालत ने किन धाराओं के तहत उन्हें दोषी ठहराया है और उन्हें कितनी सजा सुनाई जा सकती है। सजा को लेकर अंतिम फैसला 4 जून को सुनाया जाएगा।

फैसले के बाद अलका लांबा ने कहा कि वह सजा से डरने वाली नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महिला सुरक्षा और महिला अधिकारों का मुद्दा पूरे देश से जुड़ा हुआ है और वह आगे भी महिलाओं की आवाज उठाती रहेंगी। कांग्रेस नेताओं और समर्थकों ने भी इस मामले को लोकतांत्रिक विरोध से जुड़ा मुद्दा बताया है।

राजनीतिक हलकों में इस फैसले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और विरोध प्रदर्शन के अधिकार से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि पुलिस और प्रशासन का कहना है कि सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए तय नियमों का पालन जरूरी है। अब सभी की नजर 4 जून पर टिकी है, जब अदालत अलका लांबा की सजा को लेकर अंतिम फैसला सुनाएगी।

Exit mobile version