दिव्यांग टीचर का गला काटने के आरोपी ने फांसी लगाई, घर में लटकी मिली लाश

रायपुर। छत्तीसगढ़ के एक दिल दहला देने वाले मामले में, एक दिव्यांग शिक्षक देवानंद भारद्वाज की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। आरोपी ने न केवल कुल्हाड़ी से गला काटकर उनकी जान ली, बल्कि साक्ष्य मिटाने के लिए शव और पीड़ित की ट्राइसाइकिल को आग के हवाले कर दिया।
यह खौफनाक वारदात गुरुवार (19 मार्च) शाम करीब 5 बजे की है। जानकारी के अनुसार, शिक्षक देवानंद और आरोपी टीमन लाल के बीच लंबे समय से जमीन के सौदे को लेकर विवाद चल रहा था।
देवानंद ने अपनी गाढ़ी कमाई की रकम टीमन को दी थी। गुरुवार को एक पान दुकान के पास दोनों का आमना-सामना हुआ, जहाँ देवानंद ने स्पष्ट रूप से कहा कि या तो जमीन की रजिस्ट्री की जाए या फिर उनकी रकम वापस लौटाई जाए। इसी बात पर बहस बढ़ी और टीमन लाल मारपीट पर उतारू हो गया।
घात लगाकर हमला और नृशंसता
विवाद के बाद जब दोनों पैरों से दिव्यांग शिक्षक अपनी ट्राइसाइकिल से घर लौट रहे थे, तब आरोपी ने एक सुनसान रास्ते पर घात लगाकर हमला किया। टीमन लाल कुल्हाड़ी लेकर वहां पहुंचा और निहत्थे देवानंद पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। आरोपी ने कुल्हाड़ी से गला काटकर उनकी हत्या कर दी।
सबूत मिटाने की कोशिश
हत्या के बाद आरोपी की क्रूरता यहीं खत्म नहीं हुई। उसने शिक्षक के शव को उनकी ही ट्राइसाइकिल के ऊपर रखा और आग लगा दी। ग्रामीणों ने जब धुआं और जलता हुआ शव देखा, तो तुरंत पुलिस को सूचना दी।
- पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं।
- यह पता लगाया जा रहा है कि शव जलाने के लिए किस ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग किया गया।
- वारदात के बाद से आरोपी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है।





