ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

जशपुर में 6.55 करोड़ का धान घोटाला उजागर, मास्टरमाइंड गिरफ्तार

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में धान खरीदी व्यवस्था में हुए 6 करोड़ 55 लाख रुपए से अधिक के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है।

इस मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी और समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू को पुलिस ने कोरबा जिले से गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला तुमला थाना क्षेत्र के कोनपारा धान उपार्जन केंद्र से जुड़ा है, जहां जांच में 20,586 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई थी।

पुलिस के अनुसार जयप्रकाश साहू इस पूरे घोटाले का मास्टरमाइंड है। एफआईआर दर्ज होने के बाद वह पहले मध्यप्रदेश के दमोह भाग गया था, फिर कोरबा जिले के विकास नगर कुसमुंडा में छिपकर रहने लगा।

गिरफ्तारी से बचने के लिए वह बार-बार मोबाइल सिम बदलता रहा और परिचितों के माध्यम से संपर्क बनाए हुए था। तकनीकी निगरानी और सूचना के आधार पर पुलिस ने उसे धर दबोचा।

इस मामले में फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव को पुलिस पहले ही 6 जनवरी 2026 को गिरफ्तार कर चुकी है। अब समिति प्रबंधक की गिरफ्तारी के बाद अन्य 4 फरार आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है।

जांच में सामने आया कि खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के दौरान कंप्यूटर रिकॉर्ड में कोनपारा केंद्र पर 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्शाई गई थी, जबकि मिलों और संग्रहण केंद्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस तरह 20,586.88 क्विंटल धान गायब पाया गया।

गायब धान की कीमत 3,100 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से करीब 6 करोड़ 38 लाख रुपए आंकी गई है। इसके अलावा धान पैकिंग में उपयोग किए गए 4,898 बारदानों की कीमत जोड़ने पर कुल आर्थिक नुकसान 6 करोड़ 55 लाख 26 हजार 979 रुपए तक पहुंच गया है।

अपेक्स बैंक जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव की रिपोर्ट पर कुल 6 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस का कहना है कि घोटाले में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

Related Articles

Back to top button