
मनेंद्रगढ़। प्यार अंधा होता है…इस कहावत को एक महिला ने सार्थक कर डाला…ड्राइवर के प्यार में आरोपी महिला ने पति को मौत की नींद सुला दी। पुलिस ने सोमवार को इस मामले में आरोपी विश्वनाथ चौधरी और महिला उमा गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया है। बता दे कि 22 जुलाई को बिहारपुर गांव में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के पास बलरामपुर के राजपुर निवासी वीरेंद्र गुप्ता की खून से लथपथ लाश मिली थी। चेहरे पर जख्म के कई निशान थे।
जानकारी के मुताबिक 25 जुलाई को सोशल मीडिया के जरिए एक फोटो वायरल हो रही थी। इसी के जरिए युवक के शव की पहचान हुई। MCB SSP ने बताया कि विश्वनाथ चौधरी पहले वीरेंद्र के यहां। ड्राइवर का काम करता था। उमा विश्वनाथ चौधरी से हमेशा शिकायत करती थी कि वीरेंद्र मारपीट करता है। और अपने रास्ते से हटाने के लिए प्रेमी पर दबाव डालती थी। फिर वो दिन आया। 21 जुलाई को विश्वनाथ अपने साथ किसी काम के बहाने वीरेंद्र को उसी की कार में जनकपुर जाने को कहा। दोपहर के करीब दोनों जनकपुर पहुँच गए। दोनों ने मिलकर रास्ते में शराब पी। और प्लानिंग के तहत वीरेंद्र टॉयलेट जाने के लिए जैसे ही रुक विश्वनाथ ने फरसा से उसके गले पर हमला कर दिया। वो यहीं नहीं रुका, लगातार उस पर हमला करता रहा। इससे वीरेंद्र की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद फरसा को कुछ दूर पर फेंककर वहां से भाग निकला। उसकी गाड़ी भी देर रात सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई थी। पूछताछ में दोनों ने बताया कि, विश्वनाथ चौधरी पहले से वीरेंद्र के घर आता-जाता था। इस बीच उसका उमा गुप्ता से प्रेम संबंध बन गया। साल 2022 में वीरेंद्र एक मामले में जेल चला गया था। इस दौरान दोनों ने मंदिर में शादी कर ली थी। वीरेंद्र एमपी से अवैध शराब की तस्करी में शामिल था। कोरिया जिले के चरचा थाने और मनेंद्रगढ़ थाने में केस भी दर्ज है।