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‘विकसित छत्तीसगढ़’ की दिशा में बड़ा कदम: शिक्षा, कौशल और रोजगार पर मंथन के लिए ‘शिक्षा संवाद’

रायपुर। राज्य में शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बेहतर समन्वय को लेकर राजधानी रायपुर में आज ‘शिक्षा संवाद’ का आयोजन किया गया।

स्थानीय होटल में हुए इस कार्यक्रम में शिक्षाविदों, उद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने भाग लेकर उच्च शिक्षा के भविष्य की रूपरेखा पर मंथन किया।

कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री टंक राम वर्मा उपस्थित रहे। इस अवसर पर उच्च शिक्षा विभाग और आईआईटी मद्रास व लिंकन यूनिवर्सिटी के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए, जिससे अकादमिक सहयोग और शोध को नई दिशा मिलेगी।

कार्यक्रम की थीम ‘विकसित छत्तीसगढ़ के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार का सेतु’ रही। इस सत्र में उच्च शिक्षा को रोजगारोन्मुख बनाने, उद्योग की जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रमों के समायोजन और क्षेत्रीय विकास की प्राथमिकताओं पर विशेष चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत साझेदारी से युवाओं के लिए बेहतर रोजगार अवसर सृजित होंगे।

‘शिक्षा संवाद’ के दूसरे चरण में डिजिटल नवाचार, उद्योगोन्मुख शिक्षा और शोध आधारित मॉडल पर गहन मंथन हुआ। डिजिटल इनोवेशन सत्र में डिजिटल कैंपस, एलएमएस, ब्लेंडेड लर्निंग, एआई आधारित शिक्षण-मूल्यांकन और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने माना कि तकनीक के प्रभावी उपयोग से शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता दोनों में सुधार संभव है।

रोजगारोन्मुखी शिक्षा सत्र में इंडस्ट्री-अकादमिक सहयोग, इंटर्नशिप, अप्रेंटिसशिप और परिणाम आधारित शिक्षा पर विचार रखे गए। वहीं, ज्ञान अर्थव्यवस्था सत्र में शोध, नवाचार, स्टार्टअप प्रोत्साहन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने शिक्षा संस्थानों में इनोवेशन कल्चर विकसित करने पर बल दिया।

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