समय पर मिली सम्मान निधि, किसानों की उम्मीदों को मिली नई उड़ान

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में किसान हितैषी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किसानों के लिए बड़ा सहारा बन रहा है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता से किसान खेती की तैयारियां बिना किसी बाधा के पूरी कर रहे हैं। बीज, उर्वरक और अन्य कृषि सामग्री की खरीद आसान होने से खेती की लागत का दबाव कम हुआ है और समय पर बुवाई भी संभव हो रही है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की ग्राम पंचायत सारबहरा के किसान एवन सिंह इस योजना के लाभार्थियों में शामिल हैं। उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 23वीं किस्त समय पर मिली, जिससे उन्होंने बीज, खाद और अन्य कृषि जरूरतों की पूर्ति की। उनका कहना है कि समय पर मिली सहायता से खेती की तैयारियां आसान हुईं और कृषि कार्यों में किसी तरह की देरी नहीं हुई। इससे उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिल रही है।
इसी गांव के किसान नरेश यादव, जो करीब चार एकड़ भूमि पर खेती करते हैं, भी इस योजना का नियमित लाभ ले रहे हैं। उनका कहना है कि छोटे और मध्यम किसानों के लिए यह योजना आर्थिक संबल साबित हुई है। सम्मान निधि से खेती के लिए जरूरी सामग्री खरीदना आसान हुआ है, जिससे आर्थिक बोझ कम होने के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है। उनका मानना है कि समय पर मिलने वाली सहायता किसानों को बेहतर योजना बनाकर खेती करने के लिए प्रेरित करती है।
राज्य सरकार का कहना है कि किसानों तक केंद्र और राज्य की सभी कृषि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना उसकी प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना किसानों की आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने के साथ कृषि क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने में भी अहम भूमिका निभा रही है।
सरकार का मानना है कि किसानों की समृद्धि ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का आधार है। यही कारण है कि कृषि विकास, किसान कल्याण और ग्रामीण समृद्धि से जुड़ी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर लगातार जोर दिया जा रहा है। समय पर मिलने वाली आर्थिक सहायता किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ खेती को नई ऊर्जा देने का काम कर रही है।





