महायुति में बगावत के सुर! महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव से पहले सीट बंटवारे पर बढ़ी खींचतान

मुंबई। महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव से पहले सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन में मतभेद की खबरों ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
भारतीय जनता पार्टी (BJP), शिवसेना (शिंदे गुट) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी-अजित पवार गुट) के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर अंदरूनी असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। हालांकि गठबंधन के नेताओं ने एकजुटता का दावा करते हुए किसी भी प्रकार के विवाद से इनकार किया है।
महाराष्ट्र में 18 जून को विधान परिषद की 17 सीटों के लिए मतदान होना है। चुनाव की घोषणा के बाद से ही महायुति में सीटों के वितरण को लेकर कई दौर की बैठकों का आयोजन किया गया।
सूत्रों के अनुसार गठबंधन के भीतर कुछ नेताओं ने सीटों के आवंटन को लेकर अपनी नाराजगी जताई है, जिसके कारण राजनीतिक गलियारों में मनमुटाव की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
इन अटकलों के बीच महायुति के तीनों दलों ने स्थिति स्पष्ट करने के लिए 3 जून को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाने का फैसला किया है।
भाजपा की ओर से रविंद्र चव्हाण, शिवसेना की ओर से उदय सामंत और एनसीपी की ओर से सुनील तटकरे मीडिया के सामने गठबंधन का पक्ष रखेंगे। माना जा रहा है कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीट बंटवारे और चुनावी रणनीति से जुड़े सभी सवालों के जवाब दिए जाएंगे।
वहीं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने गठबंधन में किसी भी तरह की फूट की खबरों को खारिज किया है।
उन्होंने कहा कि महायुति पूरी मजबूती और एकजुटता के साथ चुनाव लड़ेगी तथा सभी 17 सीटों पर जीत हासिल करने का लक्ष्य रखती है। शिंदे ने कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पहले ही सीट बंटवारे का फॉर्मूला स्पष्ट कर चुके हैं।
महायुति के तय फॉर्मूले के अनुसार भाजपा 11 सीटों, शिवसेना 4 सीटों और एनसीपी 2 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अब सभी की नजरें 18 जून को होने वाले मतदान और उससे पहले होने वाली राजनीतिक गतिविधियों पर टिकी हुई हैं।



