जमीरापाट बॉक्साइट खदान पर प्रशासन का स्पष्टीकरण, किसानों के हित सुरक्षित, 1 करोड़ से अधिक मुआवजा भुगतान

रायपुर। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के कुसमी तहसील अंतर्गत ग्राम जमीरापाट स्थित बॉक्साइट खदान को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच राज्य शासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि खदान क्षेत्र में अभी किसी प्रकार का खनन कार्य शुरू नहीं किया गया है।
प्रशासन ने कहा कि प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के हितों की सुरक्षा उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा सभी प्रक्रियाएं पूरी पारदर्शिता और कानूनी प्रावधानों के तहत की जा रही हैं।
प्रशासन के अनुसार, 31 मई 2026 तक सीएमडीसी को केवल भू-प्रवेश की अनुमति दी गई है। इसका उद्देश्य आवश्यक तैयारियां करना है, न कि खनन कार्य शुरू करना। खदान क्षेत्र में किसी भी प्रकार का उत्खनन नहीं किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने बताया कि खदान के लिए निर्धारित क्षेत्र में शामिल 9.049 हेक्टेयर निजी भूमि के भू-स्वामियों को फसल क्षति मुआवजे के रूप में 1 करोड़ 1 लाख 74 हजार 26 रुपए का शत-प्रतिशत भुगतान किया जा चुका है।
वहीं लंबित मुआवजा प्रकरणों के जल्द निराकरण के लिए भी निर्देश जारी किए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक वर्तमान में कुल 15.743 हेक्टेयर क्षेत्र में भू-प्रवेश की अनुमति प्रदान की गई है, जिसमें 6.694 हेक्टेयर शासकीय भूमि शामिल है। निजी भूमि से जुड़े मामलों में नियमानुसार मुआवजा भुगतान और अन्य आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
इस बीच सीएमडीसी द्वारा 28 मई को ग्राम जमीरापाट के डम्हाटोली में पंचायत एवं शासकीय सड़क मरम्मत कार्य का शुभारंभ भी किया गया।
प्रशासन का कहना है कि सड़क सुधार कार्य पूरी तरह जनहित में है और इससे ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी।
कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा कि प्रशासन हर परिस्थिति में प्रभावित किसानों और ग्रामीणों के साथ खड़ा है। किसी भी पात्र हितग्राही के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
मुआवजा वितरण के साथ-साथ क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास और ग्रामीणों के कल्याण के लिए भी प्रशासन पूरी तरह प्रतिबद्ध है।





