खेल विवादों के लिए बनेगा अलग लीगल पोर्टल, मंत्रालय ने NSB और NST के नियम जारी किए

दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश में खेल प्रशासन को पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
खेल मंत्रालय ने मंगलवार को नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड (NSB) और नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल (NST) के नियमों को लेकर अलग-अलग नोटिफिकेशन जारी किए। इसके साथ ही दोनों संस्थाओं की जिम्मेदारियां और कार्यप्रणाली भी तय कर दी गई है।
मंत्रालय के मुताबिक इन संस्थाओं के चेयरपर्सन और सदस्यों की नियुक्ति के लिए कैबिनेट सचिव की अध्यक्षता में सर्च-कम-सिलेक्शन कमेटी बनाई जाएगी। यही कमेटी योग्य उम्मीदवारों का चयन करेगी।
नेशनल स्पोर्ट्स बोर्ड (NSB) देश के सभी राष्ट्रीय खेल महासंघों को मान्यता देने का काम करेगा। इसके अलावा महासंघों के कामकाज, फंड के इस्तेमाल, प्रशासनिक पारदर्शिता और नियमों की निगरानी भी बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में होगी। बोर्ड में एक चेयरपर्सन और दो सदस्य होंगे, जिनका कार्यकाल तीन साल का रहेगा।
वहीं नेशनल स्पोर्ट्स ट्रिब्यूनल (NST) खेलों से जुड़े विवादों और कानूनी मामलों की सुनवाई करेगा। यह एक विशेष न्यायिक संस्था के रूप में काम करेगी, जहां खिलाड़ियों, संघों और खेल संगठनों से जुड़े मामलों का निपटारा किया जाएगा। हालांकि सरकार ने अभी ट्रिब्यूनल में सदस्यों की संख्या तय नहीं की है।
खेल मंत्रालय ने यह भी घोषणा की है कि खेल विवादों की सुनवाई और रिकॉर्ड को डिजिटल तरीके से सुरक्षित रखने के लिए एक अलग लीगल पोर्टल बनाया जाएगा। इस पोर्टल के जरिए केस की सुनवाई, दस्तावेजों का रिकॉर्ड और कानूनी प्रक्रिया ऑनलाइन संचालित की जा सकेगी।
सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से खेल संगठनों में जवाबदेही बढ़ेगी और खिलाड़ियों को विवादों के समाधान के लिए तेज और पारदर्शी व्यवस्था मिल सकेगी।



