7 मई को पंचायतों में चावल महोत्सव, रोजगार और आवास दिवस का संगम

सुशासन तिहार में ग्रामीण विकास को मिलेगी रफ्तार, मौके पर होंगे समाधान
रायपुर। छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार के तहत 7 मई को ग्राम पंचायतों में विकास और जनसेवा का बड़ा अभियान शुरू होने जा रहा है। राज्यभर की पंचायतों में एक साथ चावल महोत्सव, रोजगार दिवस और आवास दिवस का आयोजन किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के साथ ही लोगों की समस्याओं का मौके पर समाधान करना है।
इस अभियान का केंद्र बिंदु ग्रामीण हितग्राही होंगे। मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से जुड़ी लंबित शिकायतों और तकनीकी अड़चनों का निराकरण मौके पर ही किया जाएगा। साथ ही पात्र लोगों को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी, ताकि वे इनका पूरा लाभ उठा सकें।
रोजगार दिवस के तहत मनरेगा कार्यों की समीक्षा की जाएगी और नए रोजगार अवसरों के सृजन के लिए कार्ययोजना तैयार होगी। वहीं आवास दिवस में लंबित आवास प्रकरणों को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने लक्ष्य रखा है कि स्वीकृत घरों को अगले 90 दिनों के भीतर पूरा कराया जाए।
जल संरक्षण को भी इस अभियान में विशेष महत्व दिया गया है। “मोर गांव- मोर पानी- मोर तरिया” अभियान के तहत “नवा तरिया आय के जरिया” थीम पर चर्चा और कार्य होंगे, जिससे ग्रामीणों की आजीविका को भी बढ़ावा मिलेगा, खासकर मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में।
इस बार तकनीक का उपयोग कर पारदर्शिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है। क्यूआर कोड आधारित सूचना प्रणाली के माध्यम से लोग योजनाओं की जानकारी आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।
अभियान को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों, महिला स्व-सहायता समूहों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई है। यह आयोजन सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि गांवों को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।



