ChhattisgarhStateNewsछत्तीसगढ़

सुशासन तिहार: गांवों में खत्म हो रहा शिकायतों का दौर

बलौदाबाजार में जनसमस्या निवारण का महाभियान, 10 जून तक 49 स्थानों पर ‘समाधान की चौपाल’

रायपुर/बलौदाबाजार। छत्तीसगढ़ में सुशासन को जमीन पर उतारने के लिए सरकार ने ‘सुशासन तिहार’ अभियान की शुरुआत कर दी है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में प्रशासन सीधे गांवों तक पहुंचकर समस्याओं का समाधान कर रहा है। शुक्रवार को ग्राम रिसदा से शुरू हुए इस अभियान में पहले ही दिन बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भागीदारी देखने को मिली।

रिसदा के हाई स्कूल परिसर में आयोजित पहले शिविर में 573 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से करीब 47 प्रतिशत का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया। राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा की मौजूदगी में अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए लोगों को राहत दी। मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि हर आवेदन का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए और शिविर के बाद आवेदकों से फीडबैक भी लिया जाए।

शिविर को ‘वन-स्टॉप समाधान केंद्र’ के रूप में विकसित किया गया, जहां विभिन्न विभागों के स्टॉल लगाए गए। पुलिस विभाग ने सड़क सुरक्षा के तहत हेलमेट वितरित किए, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने डिजिटल एक्स-रे और आयुष्मान कार्ड बनाने की सुविधा उपलब्ध कराई। युवाओं को कौशल विकास से जोड़ने और टीबी मुक्त गांवों के सरपंचों को सम्मानित करने जैसी पहलें भी की गईं।

कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने बताया कि जिन आवेदनों का तत्काल समाधान संभव नहीं था, उनके लिए तय समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि सतत प्रक्रिया है, जिसके तहत जिले के 30 ग्रामीण और 19 नगरीय क्षेत्रों में कुल 49 स्थानों पर शिविर लगाए जाएंगे।

‘सुशासन तिहार’ के जरिए प्रशासन और आम जनता के बीच की दूरी कम हो रही है। रिसदा शिविर की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि यदि प्रशासन गांव की चौपाल तक पहुंचे, तो समस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।

Related Articles

Back to top button