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महाराष्ट्र में प्री-SIR मैपिंग: गडचिरोली अव्वल, शहरी क्षेत्र पिछड़े

मुंबई। महाराष्ट्र में आगामी चुनावों की तैयारियों के बीच निर्वाचन आयोग द्वारा चलाई जा रही प्री-स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (Pre-SIR) मैपिंग प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है।

ताजा आंकड़ों के अनुसार, पूरे राज्य में अब तक 66.42% मैपिंग का कार्य संपन्न हो चुका है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिहीन बनाना और मतदाताओं का सटीक मिलान सुनिश्चित करना है।

गडचिरोली का शानदार प्रदर्शन

राज्य के सुदूर और आदिवासी बहुल जिले गडचिरोली ने इस अभियान में बाजी मारी है। यहाँ 90.51% कार्य पूरा हो चुका है, जो राज्य में सर्वाधिक है।

गडचिरोली की यह उपलब्धि दर्शाती है कि दुर्गम क्षेत्रों में भी प्रशासनिक तत्परता और डेटा मिलान का काम सुचारू रूप से चल रहा है। इसके अलावा, राज्य के 14 जिलों में 80% से 90% के बीच और 13 जिलों में 70% से 80% के बीच मैपिंग का काम पूरा कर लिया गया है।

शहरी इलाकों में धीमी रफ्तार

इसके विपरीत, मुंबई सबअर्बन, पुणे और ठाणे जैसे बड़े शहरी केंद्रों में प्रगति काफी धीमी है। इन इलाकों में अब तक 50% से भी कम काम हो पाया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) कार्यालय के अनुसार, शहरी क्षेत्रों में काम धीमा होने के मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • जनसंख्या का दबाव: शहरों में लगातार बढ़ती आबादी और प्रवासियों का आना-जाना।
  • बूथों की संख्या में वृद्धि: नए मतदाताओं के कारण मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ना।
  • जटिल डेटा: शहरी क्षेत्रों में पतों में बदलाव और ऊंची इमारतों के कारण घर-घर जाकर मिलान करने में लगने वाला अधिक समय।

मतदाता मिलान का लक्ष्य

महाराष्ट्र में कुल 9.88 करोड़ पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें से अब तक 6.56 करोड़ मतदाताओं का सफलतापूर्वक मिलान किया जा चुका है। निर्वाचन अधिकारियों का लक्ष्य है कि चुनाव से पहले शेष मतदाताओं का डेटा भी ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ के जरिए अपडेट कर लिया जाए, ताकि पारदर्शी और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित हो सके। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले कुछ हफ्तों में शहरी क्षेत्रों के कार्य में भी तेजी आएगी।

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