77वें गणतंत्र दिवस पर 8 बड़े बदलाव: पहली बार 2 चीफ गेस्ट, महिला कमांडेंट के नेतृत्व में पुरुष रेजिमेंट

दिल्ली। भारत ने 26 जनवरी को 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गौरव और उत्साह के साथ मनाया। दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक रही। परेड में ऐसे 8 बदलाव देखने को मिले, जो पहले कभी नहीं हुए थे। इन बदलावों ने न केवल परंपरा को नई दिशा दी, बल्कि बदलते भारत की ताकत और सोच को भी दर्शाया।
1. पहली बार दो मुख्य अतिथि
गणतंत्र दिवस परेड में पहली बार दो चीफ गेस्ट शामिल हुए। यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
2. महिला अधिकारी के नेतृत्व में पुरुष टुकड़ी
CRPF की पुरुष मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व पहली बार एक महिला अधिकारी ने किया। यह कदम सुरक्षा बलों में लैंगिक समानता का मजबूत संदेश देता है।
3. सेना के युद्ध मॉडल का लाइव प्रदर्शन
परेड के दौरान सेना के युद्ध कौशल का लाइव डिस्प्ले दिखाया गया, जिसमें आधुनिक हथियार, रणनीति और तकनीक का प्रदर्शन हुआ।
4. एनिमल कंटिंजेंट की भागीदारी
परेड में हिम योद्धाओं के एनिमल कंटिंजेंट को शामिल किया गया। इसमें बैक्ट्रियन ऊंट, जांस्कर टट्टू, चील और भारतीय नस्ल के सैन्य कुत्ते शामिल रहे।
5. स्वदेशी हथियारों और तकनीक पर फोकस
ब्रह्मोस, आकाश, ATAGS, धनुष तोप और ड्रोन सिस्टम जैसे स्वदेशी हथियारों का विशेष प्रदर्शन किया गया।
6. ऑपरेशन आधारित झांकियां
ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ी झांकी में इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर और सेना की कार्यप्रणाली को दिखाया गया।
7. महिला तटरक्षक दल की मजबूत मौजूदगी
महिला भारतीय तटरक्षक दल ने परेड में मार्च कर महिला सशक्तिकरण का संदेश दिया।
8. वंदे मातरम् थीम पर सांस्कृतिक प्रस्तुति
इस बार परेड की मुख्य थीम ‘वंदे मातरम्’ रही, जिसमें 150 साल की यात्रा और आत्मनिर्भर भारत की झलक दिखाई गई।
इन बदलावों के साथ 77वां गणतंत्र दिवस भारत की बदलती सैन्य शक्ति, समावेशी सोच और आत्मनिर्भर भविष्य का प्रतीक बनकर सामने आया।





