राजस्थान में 1 हजार छात्रों तक पहुंचा पेपर; महाराष्ट्र, हरियाणा और राजस्थान में कार्रवाई तेज
दिल्ली। NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है। अब तक तीन राज्यों से 7 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
इनमें महाराष्ट्र से 3, राजस्थान से 3 और हरियाणा से 1 आरोपी शामिल है। राजस्थान स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) का दावा है कि लीक हुआ पेपर करीब 1 हजार कैंडिडेट्स तक पहुंचा था।
महाराष्ट्र में पुणे से मनीषा वाघमारे नाम की महिला और अहिल्यानगर से धनंजय लोखंडे को हिरासत में लिया गया है। इससे पहले नासिक से शुभम खैरनार पकड़ा गया था। तीनों से CBI पूछताछ कर रही है।
वहीं राजस्थान में सीकर के कंसल्टेंसी संचालक राकेश मंडवरिया और दो भाई दिनेश बिवाल व मांगीलाल बिवाल को हिरासत में लिया गया है। बिवाल भाइयों ने दावा किया कि मामले में “बड़े लोगों को बचाया जा रहा है।”
हरियाणा के गुरुग्राम से BAMS फर्स्ट ईयर के छात्र यश यादव को भी पकड़ा गया है। जांच एजेंसियों को शक है कि वह पेपर लीक नेटवर्क का हिस्सा था। इस बीच फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर परीक्षा दोबारा कराने की मांग की है।
संगठन ने NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि एजेंसी पर भरोसा खत्म हो चुका है। NTA ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। एजेंसी ने माना कि परीक्षा में गड़बड़ी हुई है। 3 मई को हुई परीक्षा में 22.79 लाख स्टूडेंट्स शामिल हुए थे।
जांच में सामने आया कि ‘क्वेश्चन बैंक’ के जरिए पेपर लीक हुआ। इसमें 300 से ज्यादा सवाल थे, जिनमें से करीब 150 सवाल हूबहू परीक्षा में आए। यह कथित क्वेश्चन बैंक 1 और 2 मई को व्हाट्सएप के जरिए कई छात्रों तक पहुंचा था। केंद्र सरकार ने पूरे मामले की जांच CBI को सौंप दी है।
