12 राज्यों-UT में SIR के बाद 6.08 करोड़ नाम कटे, यूपी-बंगाल में सबसे ज्यादा असर

दिल्ली। चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के दूसरे चरण के बाद देश के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं। ताजा आंकड़ों के मुताबिक कुल 6.08 करोड़ मतदाताओं के नाम फाइनल लिस्ट से बाहर हो गए हैं।
SIR प्रक्रिया शुरू होने से पहले इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ थी, जो अब घटकर 44.92 करोड़ रह गई है। दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा सहित पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप की फाइनल वोटर लिस्ट जारी की गई।
सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश में देखने को मिला, जहां करीब 2.04 करोड़ नाम सूची से हटाए गए हैं। इससे राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 13% घटकर 13.39 करोड़ रह गई है। वहीं पश्चिम बंगाल में भी लगभग 91 लाख वोटर्स के नाम हटाए गए हैं।
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR अभियान शुरू किया था। अब तक करीब 60 करोड़ मतदाताओं को इस प्रक्रिया के तहत कवर किया जा चुका है, जबकि लगभग 39 करोड़ मतदाताओं का सत्यापन अभी बाकी है। तीसरे चरण में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों में यह अभियान आगे बढ़ाया जाएगा।
SIR प्रक्रिया के तहत बूथ लेवल अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते हैं। इसमें नए वोटरों को जोड़ा जाता है, जबकि मृत, स्थानांतरित या डुप्लीकेट नामों को हटाया जाता है।
हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर कुछ राज्यों में विवाद भी सामने आए हैं। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में राजनीतिक दलों ने इसे अदालत में चुनौती दी है। इसके बावजूद चुनाव आयोग का कहना है कि इस अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।





