रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से महतारी वंदन योजना की 30वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 67 लाख 20 हजार 125 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 630 करोड़ 55 लाख 54 हजार 300 रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से हस्तांतरित की।
इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, प्रमुख सचिव शहला निगार और विभागीय संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव मौजूद रहीं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन देने की दिशा में राज्य सरकार की सबसे महत्वपूर्ण योजनाओं में से एक है।
उन्होंने कहा कि जब मातृशक्ति आर्थिक रूप से मजबूत होती है, तो परिवार, समाज और प्रदेश के विकास को नई गति मिलती है।
उन्होंने कहा कि यह योजना केवल हर माह एक हजार रुपए की आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और सामाजिक भागीदारी को भी मजबूत कर रही है।
योजना की राशि का उपयोग महिलाएं बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और परिवार की जरूरतों को पूरा करने में कर रही हैं। कई महिलाएं सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश कर रही हैं, वहीं सिलाई-कढ़ाई, डेयरी, किराना दुकान, पशुपालन, अगरबत्ती निर्माण और अन्य छोटे स्वरोजगार शुरू कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का अर्थ योजनाओं को पारदर्शी तरीके से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। डीबीटी प्रणाली के जरिए हर महीने सहायता राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है और महिलाओं का शासन पर भरोसा मजबूत हुआ है।
गौरतलब है कि महतारी वंदन योजना 1 मार्च 2024 से पूरे प्रदेश में लागू है। 30वीं किस्त जारी होने के बाद अब तक योजना के तहत 19,444.33 करोड़ रुपए से अधिक की राशि महिलाओं के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है।
सरकार का कहना है कि यह योजना महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की मजबूत आधारशिला बनकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में अहम भूमिका निभा रही है।
