यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी पर 18 घंटे हाईवोल्टेज ड्रामा: हिमाचल पुलिस ने दो बार दिल्ली पुलिस को रोका; AI समिट में अर्धनग्न प्रदर्शन

दिल्ली। दिल्ली में AI समिट के दौरान अर्धनग्न होकर प्रदर्शन करने के आरोप में तीन यूथ कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के बाद बुधवार को हिमाचल और दिल्ली पुलिस के बीच 18 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला।
दिल्ली पुलिस ने शिमला के एक होटल से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के तीन नेताओं अरबाज, सौरव और सिद्धार्थ को गिरफ्तार किया, लेकिन हिमाचल पुलिस ने उन्हें आधे रास्ते में रोक लिया और दिल्ली नहीं ले जाने दिया।
हिमाचल पुलिस का तर्क था कि दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तारी के बारे में कोई औपचारिक सूचना नहीं दी थी। इसके बाद कोर्ट में दोनों पुलिस के बीच बहस हुई।
जज ने फाइल तैयार करने को कहा, फिर दिल्ली पुलिस बिना कागजी कार्रवाई के नेताओं को ले गई। हिमाचल पुलिस ने फिर उन्हें रोककर कोर्ट में पेश किया। आखिरकार, ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद गुरुवार सुबह करीब पौने 6 बजे दिल्ली पुलिस नेताओं को लेकर रवाना हुई।
दरअसल, 20 फरवरी को इंडियन यूथ कांग्रेस के 11 सदस्यों ने भारत मंडपम में AI समिट में शर्टलेस होकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो वाली टी-शर्ट लहराई और ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं के तहत अपराध है।
दिल्ली पुलिस की टीम 25 फरवरी सुबह रोहड़ू के चिड़गांव स्थित होटल पहुंची और नेताओं को गिरफ्तार किया। हिमाचल पुलिस ने शिमला बस स्टैंड, शोघी और धर्मपुर में नाका लगाकर उन्हें रोक दिया और अपनी कस्टडी में लिया। बाद में शिमला कोर्ट में मेडिकल करवाकर ट्रांजिट रिमांड लिया गया।
हिमाचल पुलिस ने चेतावनी दी कि अगर दिल्ली पुलिस नेताओं को जबरन ले जाती है तो FIR दर्ज की जाएगी। स्थानीय पुलिस को सूचना देना अनिवार्य है, क्योंकि अन्य प्रदेश में कार्रवाई सुरक्षा और कानूनी दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है।
नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि देवभूमि हिमाचल को अपराधियों की शरणस्थली नहीं बनने देना चाहिए और अंतरराष्ट्रीय मंच पर देशद्रोह जैसी गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। AI समिट प्रदर्शन और गिरफ्तारी का यह मामला राजनीतिक, कानूनी और प्रशासनिक दृष्टि से लगातार सुर्खियों में रहा।





