रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आजीवन कारावास की सजा काट रहे कैदियों को बड़ी राहत देते हुए 10 बंदियों की समय से पहले रिहाई को मंजूरी दी है।
यह निर्णय राज्य दण्डादेश पुनर्विलोकन बोर्ड की सिफारिश पर लिया गया, जिसके बाद सभी कैदियों को सोमवार को जेल से रिहा किया जाएगा। ये सभी बंदी हत्या के मामलों में सजा काट रहे थे और 14 साल से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं।
जानकारी के अनुसार, हिमांशु गुप्ता (महानिदेशक जेल) द्वारा भेजे गए 16 प्रकरणों पर 12 फरवरी 2026 को बोर्ड की बैठक में विचार किया गया। इस दौरान न्यायालय, जेल प्रशासन, चिकित्सा अधिकारी, पुलिस और जिला प्रशासन की रिपोर्ट का परीक्षण किया गया।
बोर्ड ने 9 बंदियों को सशर्त रिहाई की सिफारिश की, जिसे राज्य सरकार ने मंजूरी दे दी। इन बंदियों को 50 हजार रुपए का निजी मुचलका देना होगा और यह शपथ पत्र भी देना होगा कि वे भविष्य में कोई अपराध नहीं करेंगे। यदि वे शर्तों का उल्लंघन करते हैं, तो उनकी रिहाई निरस्त कर शेष सजा पूरी कराई जाएगी।
इन 9 बंदियों में केंद्रीय जेल दुर्ग के 8 कैदी प्रेमलाल बंजारे, लोचन सतनामी, ओमप्रकाश, पुरानिक, दलित कुमार, दगन उर्फ रामकुमार, कचरूराम लोधी और पीलूराम शामिल हैं, जबकि केंद्रीय जेल अंबिकापुर से गोपाल कंवर को भी रिहा किया जाएगा।
वहीं, केंद्रीय जेल रायपुर के बंदी भागीरथी उर्फ भागी को बिना किसी शर्त के रिहाई दी गई है। जेल अधीक्षक के अनुसार, यह फैसला सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुरूप लिया गया है। अंतिम मंजूरी मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद जारी की गई।
