संघ प्रमुख के 10 बड़े बयान: जनसंख्या, जातिगत आरक्षण, भाषा और राजनीति पर दिया बड़ा संदेश

दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के 100 वर्ष पूर्ण होने पर विज्ञान भवन में 26 से 28 अगस्त तक तीन दिवसीय कार्यक्रम आयोजित हुआ। अंतिम दिन संघ प्रमुख मोहन भागवत ने राजनीति, समाज और संस्कृति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विचार रखे।

भागवत ने साफ कहा कि संघ और बीजेपी दोनों अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं, फैसले क्षेत्रानुसार तय होते हैं। उन्होंने शिक्षा में आधुनिक तकनीक की उपयोगिता मानी, लेकिन साथ ही मूल्यों और संस्कारों की शिक्षा पर जोर दिया। नई शिक्षा नीति को समयानुकूल बताया।

भाषा विवाद पर भागवत ने कहा कि भारत की सभी भाषाएं राष्ट्रभाषाएं हैं। संपर्क के लिए एक भारतीय भाषा होनी चाहिए, विदेशी नहीं। उन्होंने बच्चों को भारतीय साहित्य से जुड़ने की सलाह दी।

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