शिकार में युवक की गोली मारकर हत्या: खून मिटाने गोबर से लीपा फर्श, परिवार को धमकाकर कराया अंतिम संस्कार

20 दिन बाद खुला राज, मास्टरमाइंड समेत 12 आरोपी गिरफ्तार; बंदूक दिखाकर परिजनों को कराया था चुप

जीपीएम। छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM) जिले में जंगली सुअर के शिकार के दौरान एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने के लिए खून से सने कमरे के फर्श को गोबर से लीप दिया।

इतना ही नहीं, मृतक के परिजनों को बंदूक दिखाकर धमकाया और बिना पोस्टमॉर्टम कराए अगले ही दिन अंतिम संस्कार करवा दिया।

मामले का खुलासा 20 दिन बाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक, गौरेला थाना क्षेत्र के दरमोहली निवासी सरवन सिंह कुशराम (21) की 27 जून की रात संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी।

28 जून को ग्राम कोटवार ने पुलिस को सूचना दी कि युवक का अंतिम संस्कार बिना पुलिस को बताए कर दिया गया है।

जांच के दौरान घर में खून के निशान मिले, लेकिन शव का अंतिम संस्कार होने के कारण पोस्टमॉर्टम नहीं हो सका।

शुरुआत में परिजनों और रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि सरवन की मौत पेट दर्द और खून की उल्टी से हुई है।

हालांकि, पूछताछ और गवाहों के बयान में सच्चाई सामने आ गई।

जांच में पता चला कि गांव के कुछ लोग अवैध रूप से जंगल में जंगली सुअर का शिकार करने गए थे।

इसी दौरान रामायण सिंह कुशराम की भरमार बंदूक से चली गोली सरवन के सीने में लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद आरोपियों ने मृतक के पिता और बड़े भाई को जंगल बुलाकर समझौते का दबाव बनाया।

जब उन्होंने पुलिस को सूचना देने की बात कही तो उन्हें गोली मारने की धमकी दी गई। डर के कारण परिवार ने बिना पोस्टमॉर्टम अंतिम संस्कार कर दिया।

करीब 20 दिन बाद बड़े भाई ने ग्राम कोटवार और पुलिस को पूरी घटना बताई।

इसके बाद पुलिस ने हत्या, सबूत मिटाने, धमकी देने और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।

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