नई दिल्ली। महिला आरक्षण बिल को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की तरफ़ से मंजूरी मिल गई है.
केंद्र सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी होने के बाद ही ये कानून लागू हो पाएगा.
संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 फीसदी आरक्षण के प्रावधान वाला बिल लोकसभा और राज्यसभा से संसद के विशेष सत्र के दौरान पारित हो गया था.
ये बिल पिछले 27 साल से लटका हुआ था. लोकसभा में इस बिल के समर्थन में 454 वोट पड़े थे और बिल के विरोध में दो वोट पड़े.
वहीं, राज्यसभा में 215 सांसदों ने इसके समर्थन में वोट डाले. विरोध में एक भी वोट नहीं पड़ा. महिला आरक्षण के लिए पेश किया गया विधेयक 128वां संविधान संशोधन विधेयक था.