रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के श्रम विभाग के अंतर्गत संचालित भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल द्वारा पंजीकृत महिला निर्माण श्रमिकों के लिए दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना संचालित की जा रही है। योजना का उद्देश्य महिला श्रमिकों को स्वरोजगार उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना और जीवन स्तर में सुधार लाना है।
मंडल में निर्माण कार्य से जुड़े 60 प्रकार के प्रवर्गों के श्रमिक पंजीकृत हैं, जिनके लिए जन्म से लेकर मृत्यु तक लगभग 28 कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी कड़ी में तीन वर्ष पूर्व शुरू की गई दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना महिला श्रमिकों के लिए रोजगार का नया माध्यम बन रही है।
योजना के तहत मंडल में कम से कम तीन वर्ष से पंजीकृत पात्र महिला निर्माण श्रमिकों को ई-रिक्शा खरीदने के लिए 1.50 लाख रुपए तक की अनुदान राशि प्रदान की जाती है। इससे महिलाएं स्वयं का रोजगार शुरू कर नियमित आय अर्जित कर सकती हैं।
श्रम विभाग के अनुसार पात्र हितग्राही अपनी पसंद की किसी भी ई-रिक्शा कंपनी का चयन कर सकते हैं। इसके बाद बैंक से ऋण स्वीकृत कराने पर योजना के तहत अनुदान राशि का लाभ लिया जा सकता है। इससे महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिल रहा है।
योजना का लाभ लेने के इच्छुक महिला श्रमिक विभाग की वेबसाइट shramevjayate.cg.gov.in तथा Shramev Jayate Mobile App के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा नजदीकी श्रम संसाधन केंद्र, चॉइस सेंटर अथवा जिला श्रम कार्यालय में भी आवेदन जमा किए जा सकते हैं।
श्रम विभाग ने पात्र महिला निर्माण श्रमिकों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। विभाग का मानना है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें सम्मानजनक और स्थायी रोजगार उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
