रायपुर। रायपुर के लाखेनगर इलाके में रविवार शाम करीब 5 बजे एक महिला नेहा यादव मंदिर जाते समय चाइनीज मांझे की चपेट में आ गई।
पतंग उड़ाते समय हवा में लटका यह मांझा अचानक उनके चेहरे से टकराया और हटाने की कोशिश में महिला के होंठ और अंगूठे में गहरा कट लग गया। महिला लहूलुहान हो गई। आसपास के लोगों ने तुरंत मदद की और महिला को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टर ने 10 टांके लगाए और आराम करने की सलाह दी।
आशंका है कि महिला जिस मांझे से घायल हुई, वह प्रतिबंधित चाइनीज मांझा था। रायपुर नगर निगम का दावा है कि शहर में कहीं भी चाइनीज मांझा नहीं बिक रहा है और निगम लगातार छापेमारी कर रहा है। 27 दिसंबर को निगम की टीम ने शहर की अलग-अलग दुकानों में छापेमारी कर सिटी पतंग भंडार, मोती पतंग भंडार और संजय पतंग भंडार से कुल 4.5 किलो प्रतिबंधित मांझा जब्त किया था।
पूर्व में भी हो चुके हादसे
रायपुर में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं। 19 जनवरी 2025 को सात वर्षीय पुष्कर का गला मांझे में फंसने से दम टूट गया। 20 जनवरी 2025 को एक्सप्रेस-वे पर महिला वकील पूर्णांशा कौशिक मांझे से घायल हुईं। फरवरी में शंकर नगर जा रहे दो छात्रों में से एक भी इसी तरह घायल हुआ।
नेहा यादव ने बताया कि अचानक मांझा उनके चेहरे में फंसा और खून बहने लगा। होंठ दबाकर खून रोका गया, तब तक कपड़े पूरी तरह लहूलुहान हो गए। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ ही नहीं आया कि मांझा कहां से आया। इस घटना ने फिर से प्रतिबंधित चाइनीज मांझों की खतरनाक प्रकृति और सार्वजनिक सुरक्षा के मुद्दे को उजागर कर दिया है।
