अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां पिछले 7 सालों से घर में घी बेचने वाली एक महिला ने नगर निगम के रेवेन्यू इंस्पेक्टर (RI) को 45 लाख रुपये का चूना लगा दिया। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी महिला सहित गुजरात के चार लोगों को गिरफ्तार किया है।
विश्वास का फायदा उठाकर 45 लाख की चपत
अंबिकापुर नगर निगम में कार्यरत राजस्व निरीक्षक (RI) के घर मंजू राठौर नाम की महिला पिछले 7 वर्षों से शुद्ध देसी घी बेचने आती थी। लंबे समय के परिचय के कारण अधिकारी को उस पर अटूट भरोसा हो गया था।
इसी का फायदा उठाते हुए मंजू ने अपनी बेटी की शादी का झूठा बहाना बनाया और अधिकारी के पास 50 तोला (500 ग्राम) वजन के सोने के बिस्किट लेकर पहुंची। उसने अधिकारी से कहा कि उसे तत्काल गहनों और नकदी की जरूरत है, इसलिए वह ये बिस्किट रख लें और बदले में उसे बने हुए जेवर दे दें।
असली सोना और कैश लेकर फरार
अधिकारी महिला के झांसे में आ गए और उन्होंने अपनी बेटी की शादी के लिए बनवाए गए 20 तोला असली सोने के जेवर (हार, कंगन, अंगूठी आदि) और 15 लाख रुपये नकद उसे सौंप दिए।
महिला और उसके साथी नकली बिस्किट थमाकर रफूचक्कर हो गए। जब अधिकारी ने पास के सुनार से बिस्किट की जांच कराई, तो पता चला कि वे पीतल के थे। ठगी का अहसास होते ही उन्होंने तत्काल कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारियां
सरगुजा पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू की। पुलिस की एक टीम ने गुजरात के राजकोट से मुख्य आरोपी मंजू राठौर और संतोष राठौर को गिरफ्तार किया।
उनसे पूछताछ के बाद दूसरी टीम ने उत्तर प्रदेश के प्रयागराज से सुनीता और कमला को हिरासत में लिया। ये सभी आरोपी मूलतः गुजरात के रहने वाले हैं और घूम-घूमकर घी बेचने के बहाने ठगी की वारदातों को अंजाम देते थे।
बरामदगी और आगे की जांच पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 20 लाख 31 हजार रुपये नकद और 100 ग्राम वजन के दो सोने के कड़े बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि उन्होंने ठगी का बाकी सोना प्रयागराज के एक सुनार को बेच दिया है। फिलहाल पुलिस उस सुनार की तलाश कर रही है। कोर्ट ने चारों आरोपियों को जेल भेज दिया है।
