विजय की पार्टी के पदाधिकारी की बीच सड़क हत्या: बाइक से पीछा कर मचेते से काटा, 5 आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली। चेन्नई के बेसेंट नगर इलाके में तमिल सुपरस्टार और TVK प्रमुख विजय की पार्टी के पदाधिकारी कन्नन की बीच सड़क हत्या कर दी गई। घटना शनिवार रात की है, जिसका CCTV VIDEO रविवार को सामने आया। फुटेज में कुछ हमलावर कन्नन का पीछा करते और धारदार हथियार से हमला करते नजर आ रहे हैं। हमले के बाद आरोपी बाइक से फरार हो गए। गंभीर चोटों के कारण कन्नन की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस ने मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सभी की उम्र 20 से 22 साल के बीच बताई गई है। शुरुआती जांच में पुलिस हत्या की वजह पुरानी दुश्मनी बता रही है।

IT कंपनियों के लिए कार रेंटल का कारोबार

कन्नन वन्नंथुरई के रहने वाले थे और IT कंपनियों के लिए कार रेंटल का कारोबार चलाते थे। पुलिस के मुताबिक, उनका आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है और वह हिस्ट्रीशीटर थे। पुलिस उनकी नियमित निगरानी कर रही थी।

शनिवार रात कन्नन वन्नंथुरई के रामासामी एवेन्यू स्थित एलैयम्मन कोइल स्ट्रीट में खड़े थे। इसी दौरान दोपहिया वाहनों से पहुंचे हमलावरों ने उनका पीछा किया और मचेते से हमला कर दिया।

2009 और 2016 की हत्याओं से जुड़ा बदला

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस हत्याकांड के पीछे पुरानी रंजिश है। कन्नन और उनके साथियों पर 2009 में अडयार में हमलावरों में शामिल भरनी के चाचा शिवा की हत्या का आरोप था। इसके बाद 2016 में सैदापेट में भरनी के पिता वेलु की हत्या कर दी गई थी।

पुलिस का दावा है कि इन्हीं पुरानी घटनाओं का बदला लेने के लिए भरनी ने अपने साथियों के साथ मिलकर कन्नन की हत्या की साजिश रची।

रिश्तेदार की शिकायत पर केस, SIT ने संभाली जांच

कन्नन के चचेरे भाई पुरुषोत्तमन की शिकायत पर शास्त्री नगर पुलिस ने मामला दर्ज किया। अडयार के DCP की निगरानी में स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम बनाई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान भरनी, राकेश, नरेश, मणिकंदन और हरिहरन के रूप में हुई है।

विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना

हत्याकांड के बाद विपक्ष ने तमिलनाडु सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। DMK नेता उधयनिधि स्टालिन और PMK अध्यक्ष डॉ. अनबुमणि रामदास ने सरकार को घेरा। उधयनिधि ने कहा कि राजधानी में सत्तारूढ़ पार्टी के पदाधिकारी की हत्या होना कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, रामदास ने चेन्नई में हिंसक अपराध रोकने के लिए पुलिस निगरानी और खुफिया व्यवस्था मजबूत करने की मांग की।

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