रायपुर। छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले स्थित वेदांता पावर प्लांट में हुए भीषण हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है।
अब तक इस हादसे में 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। हादसे के बाद घायलों को रायगढ़ और रायपुर के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां कई ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बॉयलर ब्लास्ट के बाद निकली 500 से 600 डिग्री सेल्सियस तक गर्म स्टीम की चपेट में आने से मजदूर बुरी तरह झुलस गए।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इतनी गर्म भाप कुछ ही सेकंड में शरीर की त्वचा और अंदरूनी अंगों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती है। कई मजदूरों के फेफड़े भी प्रभावित हुए, जिससे उनकी हालत बेहद नाजुक हो गई।
इस हादसे की सबसे मार्मिक कहानी अब्दुल करीम की है, जिनकी शादी महज 20 दिन पहले ही हुई थी। उनके हाथों की मेहंदी तक नहीं छूटी थी कि यह दर्दनाक हादसा हो गया। वहीं बिहार के आकिब खान भी हाल ही में काम पर लौटे थे और हादसे का शिकार हो गए।
घटना के चश्मदीदों ने बताया कि धमाके के बाद प्लांट में अफरा-तफरी मच गई। मजदूर चीखते हुए इधर-उधर भागने लगे, लेकिन कई लोग सुपरहीटेड स्टीम की चपेट में आ गए।
हैरानी की बात यह है कि इसी यूनिट में पिछले महीने भी दो हादसे हो चुके थे, जिसके बाद प्लांट को कुछ समय के लिए बंद किया गया था और सेफ्टी ट्रेनिंग की बात भी सामने आई थी। इसके बावजूद इतनी बड़ी दुर्घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फिलहाल घायलों का इलाज जारी है, जिनमें कुछ की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने हादसे की जांच के आदेश दे दिए हैं और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।
