रायपुर। छत्तीसगढ़ बंद के दौरान रायपुर के मैग्नेटो मॉल में हुई तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने बजरंग दल के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया है।
शनिवार देर रात भारी हंगामे के बीच सभी आरोपियों को तेलीबांधा थाने से पुलिस बसों में सेंट्रल जेल ले जाया गया। बताया जा रहा है कि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता थाने के भीतर घुस आए थे और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जमकर बवाल किया।
दरअसल, दोपहर से ही बजरंग दल के कार्यकर्ता तेलीबांधा पुलिस स्टेशन के सामने सड़क पर चक्काजाम कर बैठे थे। उन्होंने सड़क पर हवन किया, टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया और चूल्हा-राशन लेकर वहीं डटे रहे।
प्रदर्शन के कारण मंदिर हसौद और एयरपोर्ट की ओर से रायपुर आने वाला ट्रैफिक तेलीबांधा चौक पर नेशनल हाईवे की ओर डायवर्ट करना पड़ा। मौके पर 2 एएसपी, 4 सीएसपी और 12 से ज्यादा थाना प्रभारी समेत भारी पुलिस बल तैनात रहा।
बजरंग दल के जिला संयोजक विजेंद्र वर्मा ने आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्होंने मॉल में तोड़फोड़ नहीं की, केवल सजावट को नुकसान पहुंचा था, जिस पर इतना बड़ा एक्शन गलत है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि कांकेर में उनके कार्यकर्ताओं पर हमला हुआ, लेकिन पुलिस ने आरोपियों पर कार्रवाई नहीं की। उनका कहना है कि अगर पुलिस पहले कार्रवाई करती तो छत्तीसगढ़ बंद और यह विवाद नहीं होता।
गौरतलब है कि 24 दिसंबर को क्रिसमस से एक दिन पहले मैग्नेटो मॉल में भारी हंगामा हुआ था। आरोप है कि 30-40 कार्यकर्ता लाठी-डंडे और हॉकी स्टिक लेकर मॉल में घुसे और कर्मचारियों से धर्म व जाति पूछकर तोड़फोड़ की।
मॉल की मार्केटिंग हेड आभा गुप्ता ने बताया कि मॉल बंद होने के बावजूद 50 से 100 लोग जबरन अंदर घुस आए और कर्मचारियों से पहचान पत्र देखकर पूछताछ की। फिलहाल पुलिस ने पूरे मामले में जांच तेज कर दी है।
